गंदगी-बदबू से मिलेगी राहत, ट्रेन में कचरे की झंझट खत्म! एक बार में 367.4 लीटर कचरा समेटेगा नया सिस्टम, जानें कैसे करेगा काम

UP Railway News: उत्तर प्रदेश में लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. एलएचबी कोच में छोटे डस्टबिन से होने वाली कचरा फैलने और बदबू की समस्या जल्द खत्म हो सकती है. रेलवे ने 367.4 लीटर क्षमता वाली नई कचरा निपटान प्रणाली का प्रोटोटाइप तैयार किया है.

UP Railway News: उत्तर प्रदेश में लंबी दूरी की ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है. एलएचबी कोच में छोटे डस्टबिन के जल्दी भरने, कचरा फैलने और बदबू की समस्या से जल्द छुटकारा मिल सकता है. रेलवे ने कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए एक नई हाई कैपेसिटी कचरा निपटान प्रणाली का प्रोटोटाइप तैयार किया है. खास बात यह है कि नई व्यवस्था में कचरा संग्रह करने की क्षमता 367.4 लीटर होगी. यानी मौजूदा छोटे डस्टबिन की तुलना में कई गुना ज्यादा कचरा एक जगह जमा किया जा सकेगा.

छोटे डस्टबिन से क्यों होती है परेशानी

आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम के अनुसार, वर्तमान में एलएचबी कोच के केबिन स्तर पर दो छोटे डस्टबिन लगाए जाते हैं. इनकी कुल क्षमता करीब 15 से 20 लीटर के बीच होती है. लंबी दूरी की यात्रा के दौरान ये डस्टबिन जल्दी भर जाते हैं. इसके बाद कचरा बाहर फैलने लगता है, जिससे कोच में गंदगी और बदबू की समस्या पैदा होती है. नई व्यवस्था को इसी परेशानी को दूर करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है.

फर्श पर लगाया जाएगा गारबेज ड्रॉप बॉक्स

नई प्रणाली में कोच के फर्श पर एक गारबेज ड्रॉप बॉक्स लगाया जाएगा. यात्री इसमें कचरा डाल सकेंगे. इसके बाद कचरा सेंट्रल कनेक्टर के जरिए सीधे कोच के ढांचे के नीचे बने बड़े संग्रह टैंक में पहुंच जाएगा. यह संग्रह टैंक स्टेनलेस स्टील का होगा. इससे कचरा छोटे डस्टबिन में जमा होने के बजाय सीधे निर्धारित टैंक में पहुंच सकेगा और उसके बाहर फैलने की समस्या कम होगी.

367.4 लीटर कचरा समेटेगा नया सिस्टम

नई कचरा निपटान प्रणाली की संग्रह क्षमता 367.4 लीटर रखी गई है. सिस्टम गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत पर काम करेगा. संग्रह टैंक को 3:10 टेपर डिजाइन के साथ तैयार किया गया है, जिससे डिपो में टैंक से कचरा निकालना आसान होगा. इसके अलावा ड्रॉप बॉक्स और कलेक्टर की दोनों तरफ से धुलाई और सैनिटाइजेशन की सुविधा भी रखी गई है. इससे सिस्टम की सफाई और रखरखाव में भी सुविधा होगी.

झांसी में तैयार हुआ प्रोटोटाइप

इस हाई कैपेसिटी कचरा निपटान प्रणाली का प्रोटोटाइप उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित वैगन मरम्मत कारखाने में तैयार किया गया है. प्रोटोटाइप को एलएचबी कोच में लगाने के बाद निरीक्षण के लिए रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन यानी आरडीएसओ को भेजा गया है. फिलहाल इस व्यवस्था को आरडीएसओ की मंजूरी का इंतजार है.

मंजूरी के बाद सभी LHB कोच में हो सकता है लागू

RDSO से हरी झंडी मिलने के बाद नई कचरा निपटान प्रणाली को सभी एलएचबी कोच में लागू किया जा सकता है. इसके लागू होने से लंबी दूरी की ट्रेनों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है. साथ ही यात्रियों को छोटे डस्टबिन के जल्दी भरने, कचरा फैलने और उससे होने वाली बदबू की समस्या से राहत मिल सकती है.

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By खुशबू कुमारी

खुशबू कुमारी पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज, से मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया है तथा वर्तमान में इग्नू से मास्टर ऑफ आर्ट्स (मास कम्युनिकेशन एंड डिजिटल मीडिया) की पढ़ाई कर रही हैं. उन्हें जनहित से जुड़ी खबरों, डिजिटल पत्रकारिता, समाचार लेखन, फोटोग्राफी, वीडियो एडिटिंग और ग्राफिक डिजाइन में विशेष रुचि है. वे राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, अपराध और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर शोधपरक, तथ्यपरक और पाठकों के लिए उपयोगी डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं. उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रभावी जानकारी पहुंचाना है, ताकि समाचार केवल सूचना का माध्यम न होकर समाज के लिए उपयोगी साबित हों.

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