UP News: आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई नजदीक है. ऐसे में करदाता तेजी से अपना रिटर्न दाखिल कर रहे हैं. इस बार आयकर विभाग ने रिटर्न की जांच के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम का इस्तेमाल शुरू किया है. विभाग का दावा है कि यह तकनीक रिटर्न में दी गई गलत जानकारी, छिपाई गई आय और फर्जी टैक्स छूट के दावों को कुछ ही सेकंड में पकड़ सकती है.
AI ऐसे करेगा रिटर्न की जांच
आयकर विभाग ने अप्रैल 2026 से रिटर्न फाइलिंग सिस्टम में AI तकनीक को शामिल किया है. यह सिस्टम करदाता द्वारा दी गई जानकारी का मिलान बैंक खातों, म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार, प्रॉपर्टी रजिस्टर, वार्षिक सूचना विवरण (AIS), टैक्स पेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS),फॉर्म-26AS और फॉर्म-16 से करेगा. यदि किसी तरह का अंतर या अतिरिक्त अघोषित आय सामने आती है तो AI तुरंत उसकी पहचान कर लेगा.
गलत टैक्स छूट का दावा भी नहीं बचेगा
आयकर विभाग धारा 80C और धारा 80D के तहत लिए गए टैक्स छूट के दावों की भी AI के जरिए जांच करेगा. यदि करदाता ने गलत जानकारी देकर छूट का दावा किया है तो सिस्टम उसे भी पकड़ लेगा. इसलिए विशेषज्ञों ने रिटर्न दाखिल करने से पहले सभी दस्तावेजों का मिलान करने की सलाह दी है.
AIS और TIS से जरूर करें जानकारी का मिलान
रिटर्न दाखिल करने से पहले करदाता आयकर पोर्टल पर उपलब्ध Annual Information Statement (AIS) और Taxpayer Information Summary (TIS) में दर्ज जानकारी को अपनी आय और वित्तीय लेन-देन से जरूर मिला लें. इससे रिटर्न में गलती की संभावना कम होगी और भविष्य में नोटिस मिलने का जोखिम भी घटेगा.
मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है तो क्या करें?
यदि किसी करदाता का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है या उपलब्ध नहीं है, तो वह ITR दाखिल करने के बाद हस्ताक्षरित ITR-V की हार्ड कॉपी सीपीसी, बेंगलुरु भेजकर अपने रिटर्न का सत्यापन कर सकता है.
विदेशी संपत्ति की जानकारी देना अनिवार्य
जिन करदाताओं के पास विदेश में बैंक खाता, अचल संपत्ति, निवेश या अन्य विदेशी परिसंपत्तियां हैं, उन्हें आयकर रिटर्न में निर्धारित अनुसूची के तहत इनका पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा. जानकारी छिपाने पर कार्रवाई हो सकती है.
नई और पुरानी टैक्स व्यवस्था में सोच-समझकर करें चुनाव
विशेषज्ञों के अनुसार नई टैक्स व्यवस्था में अधिकांश करदाताओं को कर बचत का लाभ मिल सकता है. हालांकि कुछ मामलों में पुरानी टैक्स व्यवस्था अधिक फायदेमंद हो सकती है. इसलिए रिटर्न दाखिल करने से पहले दोनों व्यवस्थाओं की तुलना कर सही विकल्प चुनना जरूरी है.
ITR दाखिल करने की महत्वपूर्ण तिथियां
31 जुलाई 2026: सामान्य करदाताओं के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि. 31 अगस्त 2026: व्यवसाय या पेशे से आय वाले, लेकिन ऑडिट से मुक्त करदाताओं के लिए अंतिम तिथि. 30 सितंबर 2026: टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तिथि. 31 अक्टूबर 2026: ऑडिट वाले करदाताओं के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि.
विशेषज्ञों की सलाह
अमर उजाला के एक रिपोर्ट के अनुसार मुकेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि , AI आधारित जांच प्रणाली के कारण गलत जानकारी देना अब आसान नहीं होगा. वहीं चार्टर्ड अकाउंटेंट आयुष वार्ष्णेय ने करदाताओं से अपील की है कि वे सभी सूचनाओं का सही मिलान कर समय रहते रिटर्न दाखिल करें, ताकि किसी प्रकार की नोटिस या परेशानी से बचा जा सके.
Input: Ravi Ranjan Kumar
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