UP News: झांसी के सदर बाजार थाना क्षेत्र स्थित भगवंतपुरा में संचालित अल-मर्जिया एग्रो फूड्स (स्लॉटर हाउस) पर राज्य वस्तु एवं सेवाकर (GST) विभाग ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की. निर्धारित क्षमता से अधिक पशुओं के कटान और कर चोरी की शिकायतों के आधार पर विभाग की टीम ने फैक्टरी में पहुंचकर व्यापक जांच शुरू की. शुरुआती पड़ताल में 50 लाख रुपये से अधिक की टैक्स चोरी की आशंका जताई गई है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान अभी जारी है, दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी. टैक्स चोरी की राशि बढ़ने की भी संभावना जताई गई है.
गोपनीय शिकायत के बाद GST की कार्रवाई
जीएसटी विभाग को गोपनीय सूचना मिली थी कि स्लॉटर हाउस में निर्धारित क्षमता से अधिक पशुओं का कटान किया जा रहा है. साथ ही वास्तविक कारोबार की तुलना में कम आय दिखाकर कर देयता भी कम दर्शाई जा रही है. इसी इनपुट के आधार पर ज्वाइंट कमिश्नर मनीष श्रीवास्तव और डिप्टी कमिश्नर (एसआईबी) पुनीत अग्निहोत्री के नेतृत्व में टीम गुरुवार दोपहर करीब 3:30 से 4 बजे के बीच फैक्टरी पहुंची और सर्वे शुरू किया. प्रारंभिक जांच के दौरान मौके पर मौजूद स्टॉक और कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक के बीच अंतर भी सामने आया, जिसके बाद टीम ने दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की विस्तृत जांच शुरू कर दी.
फैक्टरी में दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहन जांच
टीम के पहुंचते ही फैक्टरी परिसर में जांच तेज कर दी गई. इस दौरान फैक्टरी के अंदर-बाहर लोगों की आवाजाही रोक दी गई और कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए गए. अधिकारियों ने आयात-निर्यात से जुड़े रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, कच्चे-पक्के बिल, कंप्यूटर हार्ड डिस्क सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच शुरू की.
फैक्टरी अफसरों से कई बिंदुओं पर पूछताछ
जांच के दौरान जीएसटी अधिकारियों ने फैक्टरी प्रबंधन से जानवरों के मांस, पोल्ट्री फीड सप्लीमेंट, एमबीएम (मीट एंड बोन मील), चमड़ा और अन्य उत्पादों के स्टॉक के संबंध में जानकारी ली. साथ ही कैंसिल फर्मों से इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त करने, माल ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले ई-वे बिल और फैक्टरी में आने-जाने वाले वाहनों से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले गए.
कई देशों में होता है मीट का निर्यात
अधिकारियों के अनुसार, अल-मर्जिया एग्रो फूड्स स्लॉटर हाउस का संचालन करती है, जहां पशुओं की खरीद के बाद मीट और अन्य उप-उत्पादों का प्रसंस्करण किया जाता है. यहां तैयार उत्पादों का निर्यात ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब और कतर सहित कई खाड़ी देशों में किया जाता है.
जांच पूरी होने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
जीएसटी अधिकारियों की कार्रवाई देर रात तक जारी रही. एडीशनल कमिश्नर डी.के. सचान ने बताया कि सर्वे अभी पूरा नहीं हुआ है. जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा का मिलान किया जा रहा है. जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
-कोमल अग्रवाल की रिपोर्ट
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