UP Politics: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गोरखपुर विश्वविद्यालय में व्यवस्थाओं की कमियों और लापरवाही पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, “शायद मेरी बात किसी को बुरी लगे, लेकिन जो हमारी कमियां हैं, उन्हें बताना तो पड़ेगा. यह तो गोरखपुर है, जहां स्वयं हमारे मुख्यमंत्री विराजमान है और वहां ही ऐसी कमियां रहेगी तो क्या होगा? आज गोरखपुर विश्वविद्यालय में मैं रुकी हुई हूं और कल जो भोजन बना था यह देखने के लिए मैं गई और मैंने पहला डिब्बा खोला, दूसरा डिब्बा खोला, तीसरा डिब्बा खोला और पूछा बताओ क्या है? उन्होंने कहा मैं तो ग्रहिणी हूं और खाना भी बनाती हूं. सालों तक किचन में जाकर रसोई करते देखते आए हैं. मैंने पूछा ये ऑयल है कि भंगार ऑइल बताओ मुझे.
टिफिन व्यवस्था पर गरमाई सियासत
उन्होंने बॉयज हॉस्टल में मेस नहीं होने और छात्रों के लिए बाहर से टिफिन मंगाए जाने पर फटकार लगाई और पूछा कि टिफिन के जरिए ड्रग्स और शराब भी परिसर में पहुंच सकती है, अगर ऐसा हो रहा होगा तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? राज्यपाल ने छात्रों को दिए जाने वाले भोजन के तेल की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया और सैंपल लेकर जांच कराने की बात कही. राज्यपाल के बयान पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव और सपा नेता आई.पी. सिंह ने योगी सरकार पर निशाना साधा. अखिलेश यादव ने ‘गोरखपुर मॉडल’ को लेकर ‘डबल इंजन’ को ‘ट्रबल इंजन’ बताया, जबकि आई.पी. सिंह ने राज्यपाल के बयान को योगी सरकार के कथित सुशासन की पोल खोलने वाला बताया.
विश्वविद्यालय में भोजन की व्यवस्था क्यों नहीं
राज्यपाल ने बताया कि गोरखपुर विश्वविद्यालय में कुल नौ छात्रावास हैं. इनमें तीन गर्ल्स हॉस्टल हैं, जिनमें से एक में मरम्मत का काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि हॉस्टल जर्जर हालत में था, इसलिए उसकी मरम्मत होना अच्छी बात है. विश्वविद्यालय में छह बॉयज हॉस्टल हैं, जिनमें से दो में मरम्मत का काम चल रहा है. उन्होंने बताया कि गर्ल्स हॉस्टल में मेस चलती है, लेकिन बॉयज हॉस्टल में मेस की व्यवस्था नहीं है. वहां छात्रों के लिए बाहर से टिफिन में खाना मंगवाया जाता है. इस पर राज्यपाल ने सवाल किया कि आखिर टिफिन वाला खाना क्यों मंगवाया जा रहा है और विश्वविद्यालय में भोजन की व्यवस्था क्यों नहीं की जाती.
खाना देखते ही आक्रोशित हुईं राज्यपाल
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में छात्रों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता का जिक्र करते हुए कहा कि वह गोरखपुर विश्वविद्यालय में रुकी हुई थीं और पिछले दिन बनाए गए भोजन को देखने गईं. उन्होंने भोजन का डिब्बा खोला और तेल देखकर उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाया. आनंदीबेन पटेल ने कहा, “मैं तो गृहिणी हूं. सालों तक किचन में जाते, रसोई करते और देखते आए हैं. मैंने पूछा ये ऑयल है कि भंगार ऑयल, बताओ मुझे.” इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को बुलाकर तेल का सैंपल लिया. उन्होंने बताया कि दूसरा सैंपल भी लिया गया है, जिसे लखनऊ ले जाकर जांच कराया जाएगा.
राज्यपाल को नहीं है अधिकारियों पर भरोसा
राज्यपाल ने कहा कि कई बार सैंपल बदल दिए जाने का भरोसा नहीं रहता. उन्होंने अपने गुजरात के अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि बीच में बिचौलिये होने की स्थिति में सैंपल बदल सकता है, इसलिए उन्होंने दूसरा सैंपल भी अपने पास रख लिया है. उन्होंने अधिकारियों से भी जांच कराने को कहा और निर्देश दिया कि रिपोर्ट आने के बाद उसे कुलपति को दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो. उन्होंने कहा कि वह राज्यपाल के तौर पर नहीं, बल्कि एक मां के तौर पर यह बात कह रही हैं. बच्चों को शुद्ध आहार मिलना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बच्चे लगातार ऐसा खाना खाते रहेंगे तो उनके स्वास्थ्य और दिमाग पर असर पड़ेगा.
राज्यपाल ने क्यों कही ड्रग्स और शराब की बात
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में बाहर से टिफिन मंगाने की व्यवस्था को लेकर सबसे ज्यादा चिंता जताई. उन्होंने कहा कि टिफिन बाहर से आता है तो उसमें ड्रग्स और शराब भी आ सकती है. उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले टिफिन के जरिए “सब कुछ” अंदर आ सकता है. इसी दौरान उन्होंने एमएमटी का जिक्र करते हुए कहा कि वहां ड्रग्स पकड़ी गई है और शराब भी पकड़ी गई है. राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन से टिफिन की व्यवस्था बंद कराने और भोजन का इंतजाम स्वयं करने को कहा. उन्होंने सुझाव दिया कि बाजार से सामान मंगाकर किसी अच्छे व्यक्ति से भोजन बनवाया जाए, ताकि छात्रों को सुरक्षित और अच्छा खाना मिल सके.
अखिलेश यादव ने कहा- 'डबल इंजन' बन गया 'ट्रबल इंजन'
राज्यपाल के बयान का वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा कि ‘गोरखपुर मॉडल’ की पोल खोलते-खोलते तुलना के रूप में ‘गुजरात मॉडल’ की घपलेबाजी की बात भी सामने आ गई. अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि दोनों जगह भाजपाई सरकार है और दोनों जगह “भाजपाई महा-भ्रष्टाचार” है. उन्होंने लिखा कि आपसी टकराहट ने ‘डबल इंजन’ को ‘ट्रबल इंजन’ बना दिया है.
आई.पी. सिंह बोले- राज्यपाल ने कथित सुशासन की पोल खोल दी
सपा नेता आई.पी. सिंह ने भी राज्यपाल के बयान को लेकर योगी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि योगी जी बताते हैं कि उन्होंने गोरखपुर को ‘गोल्डेन सिटी’ बना दिया है, लेकिन आज राज्यपाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कथित सुशासन की “पोल पट्टी ही नहीं खोली, बल्कि धज्जियां उड़ाकर रख दी.” आई.पी. सिंह ने दावा किया कि राज्यपाल ने गोरखपुर में व्याप्त भ्रष्टाचार का जिक्र किया और कहा कि जब मुख्यमंत्री के शहर में इतना अधिक भ्रष्टाचार है तो प्रदेश के बाकी 75 जिलों में भ्रष्टाचार कितना होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है. उन्होंने राज्यपाल के बयान को मुख्यमंत्री के कथित भ्रष्टाचार के उजागर होने से जोड़ते हुए योगी आदित्यनाथ से जवाब मांगा.
