UP News : गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लव जिहाद, अवैध धर्मांतरण और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के माध्यम से बेटियों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा. समाज को जागरूक रहना होगा और इन षड्यंत्रों के विरुद्ध संत समाज को भी आगे आना होगा. मुख्यमंत्री हरियाणा के सोनीपत जिले के मुरथल स्थित बाबा नागे वाला धाम में नाथ संप्रदाय के मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा एवं आठ मान के भव्य भंडारा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
सीएम योगी ने कहा कि धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने वाले कई कालनेमि सक्रिय हैं, जिनसे सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एक योगी, संत या संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता। धर्म ही उसकी संपत्ति और राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान होता है. यदि कोई राष्ट्र के स्वाभिमान को चुनौती देता है, तो उसके विरुद्ध खड़ा होना ही सनातन परंपरा का धर्म है.
उन्होंने कहा कि डेमोग्राफी बदलने की साजिश, अवैध धर्मांतरण और लव जिहाद के नाम पर हो रहे कृत्यों को पूरी शक्ति और जागरूकता के साथ रोका जाएगा। वर्ष 2009 में केरल हाईकोर्ट की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के कई राज्यों में इसी प्रकार के संगठित षड्यंत्र दिखाई दे रहे हैं। संयुक्त परिवार की परंपरा कमजोर हो रही है, जिसे पुनर्जीवित करना आवश्यक है.
सनातन, राष्ट्र और समाज एक-दूसरे के पूरक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धर्म केवल उपासना पद्धति नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्थान का मार्ग है। नाथ पंथ भारत की प्राचीनतम आध्यात्मिक परंपराओं में से एक है, जिसने सदैव समाज को जोड़ने और राष्ट्र को दिशा देने का कार्य किया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना साकार हो रही है. आजादी के अमृत काल में भारत पुनः अपने वैभव की ओर अग्रसर है. सनातन धर्म मजबूत होगा तो विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग भी सुदृढ़ होगा.
आस्था, विकास और सुरक्षा का संगम
मुख्यमंत्री ने अयोध्या, काशी और प्रयागराज के उदाहरण देते हुए कहा कि आज धार्मिक स्थलों पर रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं और यह सब सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भयमुक्त वातावरण में हो रहा है. प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दिन साढ़े चार करोड़ श्रद्धालुओं द्वारा संगम स्नान इसका प्रमाण है—जो कई देशों की जनसंख्या से अधिक है. उन्होंने कहा कि अगले एक हजार वर्ष भारत और सनातन धर्म के होंगे। इसके लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। युवाओं को नशे से बचाना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. सीमा पार से आने वाला ड्रग देश को कमजोर करने की साजिश है। समाज को इसके विरुद्ध संगठित होकर खड़ा होना होगा.
मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण, नदियों की पवित्रता और सरस्वती नदी के पुनर्जीवन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रकृति संरक्षण भी सनातन चेतना का अभिन्न अंग है. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हवन-आरती की और आयोजकों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं. कार्यक्रम में संत समाज, जनप्रतिनिधियों और देशभर से आए श्रद्धालुओं की बड़ी उपस्थिति रही.
