250 करोड़ की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड सुल्तान का दुबई से वीडियो वायरल, लड़कियों से कर रहा अय्याशी

UP News: कानपुर पुलिस 250 करोड़ की बड़ी साइबर ठगी के मास्टरमाइंड सुल्तान मिर्जा की तलाश में जुटी है. इस बीच दुबई से उसका वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह लग्जरी लाइफस्टाइल जीता दिख रहा है. पुलिस गिरोह के पूरे आर्थिक नेटवर्क की जांच कर रही है.

UP News: देशभर में करीब 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम देने वाले गिरोह के खिलाफ कानपुर पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड सुल्तान मिर्जा उर्फ अभय उर्फ जॉनसेना उर्फ वैलेंटाइन के करीबी सहयोगी और 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी अंचित गोयल को हिरासत में लिया है. पुलिस उससे पूछताछ कर गिरोह के पूरे आर्थिक नेटवर्क और अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है.

म्यूल खातों से होता था करोड़ों रुपये का लेन-देन

पुलिस जांच के मुताबिक आगरा निवासी अंचित गोयल पर मुख्य आरोपी राजवीर के साथ मिलकर म्यूल (फर्जी) बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी से हासिल करोड़ों रुपये का लेन-देन कराने का आरोप है. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर गिरोह की आर्थिक गतिविधियों की जांच आगे बढ़ाई जा रही है.

दुबई से वायरल हुआ मास्टरमाइंड का वीडियो

मामले का मुख्य आरोपी सुल्तान मिर्जा फिलहाल दुबई में छिपा हुआ बताया जा रहा है. इस बीच सोशल मीडिया पर उसका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह दुबई के एक फाइव स्टार होटल में पार्टी करता नजर आ रहा है. पुलिस के अनुसार सुल्तान ठगी के पैसों से दुबई, नेपाल, काठमांडू और थाईलैंड में ऐशो-आराम की जिंदगी बिताता रहा है.

फर्जी बैंक खातों के बदले मिलते थे 25 हजार रुपये

इससे पहले पुलिस ने दिबियापुर निवासी 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी राजवीर और उसके साथी शिवम सिन्हा को गिरफ्तार किया था. पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी सुल्तान मिर्जा को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराते थे. इसके बदले सुल्तान प्रति बैंक खाता हर महीने 25 हजार रुपये का भुगतान करता था.

9 राज्यों में फैला था ठगी का नेटवर्क

पुलिस के अनुसार इस गिरोह ने देश के कम से कम 9 राज्यों में डिजिटल अरेस्ट, निवेश और अन्य साइबर ठगी के तरीकों से 250 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की है. जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अन्य राज्यों और विदेशों तक फैले कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही हैं.

बैंक कर्मियों, वकीलों और सफेदपोशों की भूमिका की जांच

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह को कुछ बैंक कर्मचारियों, अधिकारियों, वकीलों और अन्य सफेदपोश लोगों का सहयोग मिलता था. आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे, जबकि कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए पहले से बेल और अन्य कानूनी रणनीति तैयार कर ली जाती थी. पुलिस हवाला नेटवर्क के जरिए विदेशों में भेजी गई रकम की भी जांच कर रही है.

500 करोड़ तक पहुंच सकती है ठगी की रकम

पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और गिरोह से जुड़े चार अन्य मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. अधिकारियों का अनुमान है कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद साइबर ठगी और अवैध वित्तीय लेन-देन की कुल रकम 500 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है. पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आने वाले सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

Input: Ravi Ranjan Kumar

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लेखक के बारे में

By राधेश्याम कुशवाहा

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

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