UP में पंचायत सहायकों को मंत्री ओपी राजभर ने दी कड़ी चेतावनी, बोले- ‘12 से 15 हजार सैलरी का ख्वाब दिमाग से निकाल दो’

उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पंचायत सहायकों को उनके मानदेय को लेकर सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कहा है कि 12 से 25 हजार रुपये के बीच सैलरी मिलने की उम्मीद छोड़ दें. मंत्री ने कर्मचारियों की ट्रेनिंग और कार्यक्षमता पर भी सवाल उठाए हैं.

UP News: उत्तर प्रदेश में पंचायत सहायकों के मानदेय बढ़ाने की मांग के बीच पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल हो रहा है. वीडियो में राजभर पंचायत सहायकों को सख्त लहजे में चेतावनी देते नजर आ रहे हैं. मंत्री ने कहा कि “दिमाग से निकाल लो कि आपको 12 हजार, 15 हजार, 20 हजार या 25 हजार मिल जाएगा. ये कतई नहीं हो सकता” राजभर ने आगे दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट में कहा था कि जितने लोग अनट्रेंड हैं, उन्हें निकाल दिया जाए और ट्रेंड लोगों को रखा जाए.

‘दिमाग से निकाल लो कि 12-15 हजार मिलेंगे’

वायरल वीडियो में ओम प्रकाश राजभर पंचायत सहायकों के मानदेय को लेकर साफ शब्दों में कहते सुनाई दे रहे हैं कि ज्यादा पैसे मिलने की उम्मीद अपने दिमाग से निकाल दें. उन्होंने कहा, 'दिमाग से निकाल लो कि आपको 12 हजार मिल जाए, 15 हजार मिल जाए, 20 हजार मिल जाए, 25 हजार मिल जाए। ये कतई नहीं हो सकता है' इसके बाद उन्होंने काम और जिम्मेदारी का हवाला देते हुए पंचायत सहायकों से सवाल किया कि अगर सरकार काम दे रही है तो क्या काम करना उनकी जिम्मेदारी नहीं है?

‘CM ने कहा था, अनट्रेंड को निकाल दो’

OP राजभर ने वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि कैबिनेट में जब इस मुद्दे पर चर्चा हुई तो मुख्यमंत्री ने कहा था कि जितने अनट्रेंड हैं, 'सबको निकाल दो, ट्रेंड रखो' हालांकि, राजभर ने कहा कि उन्होंने पंचायत सहायकों को तत्काल हटाने के बजाय उन्हें ट्रेनिंग देने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि वह निदेशालय के अधिकारियों पर लगातार दबाव बना रहे हैं कि सभी को एक बार पूरा प्रशिक्षण दिया जाए.

‘दो दिन की ट्रेनिंग से काम नहीं चलेगा’

यूपी सरकार के पंचायती राज मंत्री ने कहा कि पंचायत सहायकों को सिर्फ दो दिन की ट्रेनिंग देने से काम नहीं चलेगा, इसके लिए कम से कम 15 से 20 दिन की नियमित कंप्यूटर ट्रेनिंग जरूरी है. उन्होंने कहा कि जब तक कर्मचारी कंप्यूटर का काम ठीक से नहीं सीखेंगे, तब तक ग्रामीणों से जुड़े ऑनलाइन काम सही तरीके से नहीं हो पाएंगे.

नई भर्ती में ट्रिपल-सी अनिवार्य

OP राजभर ने कहा कि अब पंचायत सहायकों की नई भर्ती में ट्रिपल-सी को अनिवार्य कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि नया शासनादेश जारी किया गया है, जिसमें कंप्यूटर संबंधी योग्यता को जरूरी किया गया है. मंत्री ने कहा कि जिस तरह की लापरवाही सामने आ रही है, उसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

‘काम करने के लिए सरकार पैसे दे रही है, खाली बैठने के लिए नहीं’

मंत्री OP ने पंचायत सहायकों के आंदोलन और मानदेय की मांग पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि कुछ लोग काम नहीं करते, लेकिन आंदोलन करके पैसा सभी को चाहिए. OP राजभर ने कहा कि जब सरकार काम करने के लिए पैसे दे रही है तो कर्मचारी को काम भी करना होगा. उन्होंने कहा कि वह अपने जिले और आसपास के गांवों में जाकर स्थिति देखने की बात कह रहे हैं, तब पता चलेगा कि वास्तव में कितने लोग काम कर रहे हैं.

जनसेवा केंद्र पर जाने वाले ग्रामीणों का भी दिया उदाहरण

राजभर ने कहा कि गांव के लोग ऑनलाइन फॉर्म भरवाने और आवेदन कराने के लिए जनसेवा केंद्र जाते हैं, जबकि इस तरह के कई काम पंचायत सचिवालय में पंचायत सहायकों के जरिए होने चाहिए. उन्होंने एक पढ़ी-लिखी युवती का उदाहरण देते हुए कहा कि उसके पास एमएससी की डिग्री थी, लेकिन वह सर्विस नहीं कर पाई. इससे उन्होंने पंचायत सहायकों के प्रशिक्षण और काम करने की क्षमता पर सवाल उठाया.

प्रधान के रिश्तेदारों की भर्ती पर भी सवाल

मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर ऐसे लोगों की भर्ती हुई है जो प्रधान के घर या उनके रिश्तेदार हैं. उन्होंने कहा कि केवल भर्ती हो जाने के बाद काम नहीं करने की स्थिति स्वीकार नहीं की जा सकती. OP राजभर ने इसी स्थिति को पंचायत व्यवस्था की दुर्दशा बताया और कहा कि कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी.

अटेंडेंस को लेकर भी मंत्री ने जताई नाराजगी

राजभर ने पंचायत सचिवालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि कई जगहों पर अटेंडेंस को लेकर सवाल खड़े होते हैं और उपस्थिति 40 से 50 फीसदी तक ही रहती है. मंत्री ने साफ संकेत दिया कि सरकार अब सिर्फ मानदेय और आंदोलन के मुद्दे पर नहीं, बल्कि पंचायत सहायकों की कार्यक्षमता, प्रशिक्षण और उपस्थिति को भी आधार बनाकर कार्रवाई के पक्ष में है.

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लेखक के बारे में

By राधेश्याम कुशवाहा

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

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