UP Politics: उत्तर प्रदेश विधान परिषद में सोमवार को राम मंदिर दान विवाद को लेकर जमकर हंगामा हुआ. समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने सदन के भीतर और बाहर 'चंदा चोर, गद्दी छोड़' के नारे लगाते हुए सरकार को घेरा. विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
सपा ने सरकार पर साधा निशाना
सपा सदस्यों ने आरोप लगाया कि राम मंदिर दान मामले ने करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है. विपक्ष ने कहा कि जब तक पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक सरकार को जवाब देना होगा. सदन में इस मुद्दे पर नारेबाजी के कारण कुछ देर तक कार्यवाही भी प्रभावित रही.
केशव प्रसाद मौर्य का पलटवार
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मामले की जांच चल रही है और जांच पूरी होने से पहले राजनीतिक बयानबाजी उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी, लेकिन विपक्ष को इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए.
दान विवाद पर सियासत तेज
राम मंदिर दान विवाद को लेकर पिछले कुछ दिनों से प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है. विपक्ष लगातार सरकार और ट्रस्ट प्रबंधन पर सवाल उठा रहा है, जबकि भाजपा का कहना है कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. इस बीच यह मुद्दा संसद से लेकर उत्तर प्रदेश विधान परिषद तक पहुंच गया है.
जांच पूरी होने का इंतजार
सरकार का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. वहीं विपक्ष इस मामले को लगातार सदन और जनता के बीच उठाने की रणनीति पर कायम है. ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और गर्माने के संकेत दे रहा है.
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