Potato Farming : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आलू बीज उत्पादक किसानों के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश सरकार ने बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना शुरू की है. इसके तहत आलू का अच्छे बीज तैयार करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 25 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा. योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को बीज उत्पादन के बाद उसका प्रमाणीकरण कराना और जिला उद्यान विभाग में पंजीकरण कराना होगा.
बीज उत्पादन को बढ़ावा देना है सरकार का लक्ष्य
एक मीडिया चैनल से बात करते हुए उद्यान विभाग मेरठ मंडल की डिप्टी डायरेक्टर पूजा के ने कहा की सरकार का उद्देश्य प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन को बढ़ावा देना है. इसके लिए बीज उत्पादन से जुड़े किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी. योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति हेक्टेयर 25 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा. इससे किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले आलू के बीज तैयार करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.
मेरठ समेत पश्चिमी यूपी के किसानों को होगा फायदा
पमेरठ औरश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई किसान सामान्य आलू उत्पादन के साथ-साथ बीज उत्पादन के क्षेत्र में भी काम करते हैं. ऐसे किसानों के लिए यह योजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. अच्छी गुणवत्ता का बीज तैयार होने से किसान खुद बेहतर उत्पादन कर सकेंगे. साथ ही प्रमाणित बीज को दूसरे किसानों तक भी पहुंचाया जा सकेगा. इससे क्षेत्र में आलू की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
पहले कराना होगा बीज का प्रमाणीकरण
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आलू के बीज का उत्पादन करने के बाद उसका प्रमाणीकरण कराना होगा. इसके लिए यूपी बीज आलू संस्थान से प्रमाणपत्र लेना जरूरी होगा. प्रमाणीकरण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसान द्वारा तैयार किया गया आलू का बीज निर्धारित गुणवत्ता का है. प्रमाणन के बाद ही किसान को सरकारी सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा. प्रमाणित बीज को बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना भी रहेगी.
जिला उद्यान विभाग में कराना होगा रजिस्ट्रेशन
बीज उत्पादन और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी करने वाले किसानों को जिला उद्यान विभाग से संपर्क कर अपना पंजीकरण कराना होगा. इसके बाद विभाग की ओर से किसानों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी. जांच में पात्र पाये जाने वाले किसानों को योजना के तहत अनुदान दिया जाएगा. वहीं, गुणवत्तापूर्ण प्रमाणित बीज को अन्य किसानों तक पहुंचाने की भी व्यवस्था की जाएगी.
अक्टूबर के बाद शुरू होगी अगैती आलू की बुवाई
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अक्टूबर के बाद अगैती आलू की बुवाई शुरू हो जाती है. ऐसे में बीज उत्पादन से जुड़े किसानों के लिए योजना का लाभ लेने का यह अहम समय है. सरकार की इस पहल का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण आलू बीज का उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है.
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