रास्ता नहीं दिला पाएं तो लेखपाल- कानूनगो और तहसीलदार को करो सस्पेंड, महिला की शिकायत सुन CM योगी ने दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमि विवादों में लापरवाही पर अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है. एक महिला की रास्ता रोके जाने की शिकायत पर उन्होंने लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार को निलंबित करने का आदेश दिया है.

UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमि विवाद और राजस्व मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है. मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान एक महिला ने दबंगों द्वारा रास्ता रोके जाने की शिकायत मुख्यमंत्री से की. महिला की समस्या सुनकर सीएम योगी ने अधिकारियों को तत्काल रास्ता दिलाने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अगर किसी पात्र व्यक्ति को रास्ता दिलाने में लेखपाल, कानूनगो या तहसीलदार खुद को असमर्थ मानते हैं, तो उन्हें निलंबित किया जाए. उन्होंने भूमि से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने की बात कही.

महिला की शिकायत सुन CM योगी ने दिए सख्त निर्देश

गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री करीब 200 लोगों से मिले. वह खुद लोगों के पास पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं. इसी दौरान एक महिला ने भूमि विवाद से जुड़ी अपनी परेशानी मुख्यमंत्री के सामने रखी. महिला ने बताया कि दबंग उसे रास्ता देने से इनकार कर रहे हैं. शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है. महिला की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने को कहा. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि महिला को उसका रास्ता दिलाया जाए.

खुद को लाचार मानते हैं तो निलंबित करो

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि यदि लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार किसी पात्र व्यक्ति को उसका रास्ता दिलाने में खुद को लाचार मानते हैं, तो उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाए. सीएम के इस निर्देश से राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश गया कि भूमि विवादों के निस्तारण में लापरवाही या शिकायतों को लंबे समय तक लंबित रखना भारी पड़ सकता है.

भूमि विवादों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

जनता दर्शन में कई लोगों ने भूमि और राजस्व से संबंधित शिकायतें भी मुख्यमंत्री के सामने रखीं. कुछ लोगों ने राजस्व कर्मियों पर कार्रवाई में देरी और लापरवाही के आरोप लगाए. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि संबंधी मामलों में जहां भी लापरवाही सामने आए, वहां जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए. अधिकारियों को मौके की वास्तविक स्थिति की जांच कर पात्र व्यक्ति को उसका अधिकार दिलाना होगा.

करीब 200 लोगों की सुनी समस्याएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को गोरखपुर पहुंचे थे. मंगलवार सुबह उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं. लोगों ने भूमि, राजस्व, पुलिस, इलाज और अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़े प्रार्थना पत्र मुख्यमंत्री को सौंपे. सीएम योगी ने एक-एक कर लोगों की बात सुनी और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि वे परेशान न हों. सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है और पीड़ितों की समस्याओं का समाधान पूरी प्रतिबद्धता के साथ कराया जाएगा.

शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर

सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों के समाधान में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए. जिन मामलों का निस्तारण स्थानीय स्तर पर संभव है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए. उन्होंने खास तौर पर भूमि और राजस्व मामलों में अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतकर्ता को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए.

इलाज के लिए आर्थिक मदद का भी भरोसा

जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे. मुख्यमंत्री ने जरूरतमंद लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके इलाज में हरसंभव मदद करेगी. उन्होंने अधिकारियों को पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिए. सीएम ने कहा कि किसी जरूरतमंद को गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े. यदि आयुष्मान कार्ड से इलाज की सुविधा मिलने के बाद भी किसी व्यक्ति को अतिरिक्त आर्थिक मदद की जरूरत हो, तो मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए.

सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से बातचीत करते हुए कहा कि किसी भी पीड़ित व्यक्ति को निराश होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर न लिया जाए, बल्कि समस्या की वास्तविक स्थिति समझकर उसका समाधान कराया जाए. गोरखनाथ मंदिर में होने वाला जनता दर्शन आम लोगों को सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखने का अवसर देता है. मंगलवार को भी मुख्यमंत्री ने शिकायतें सुनने के साथ मौके पर मौजूद अधिकारियों को कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए.

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By रवि रंजन कुमार

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