UP News: लखनऊ के प्रतिष्ठित लोक भवन सभागार में आयोजित विशेष समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न सरकारी विभागों हेतु चुने गए 818 अभ्यर्थियों को औपचारिक नियुक्ति पत्र वितरित किए. इस अवसर पर चिकित्सा, आयुष, व्यावसायिक शिक्षा और उद्योग क्षेत्रों में चयनित अभ्यर्थियों को नया दायित्व सौंपा गया. मंच से 21 मुख्य प्रतिभागियों को स्वयं मुख्यमंत्री ने पत्र प्रदान किए, जबकि बाकी अन्य सफल युवाओं को संबंधित मंत्रालयों के माध्यम से यह अधिकार पत्र सौंपे गए.
निष्पक्ष भर्ती और सुशासन पर जोर
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकारी भर्ती संस्थाएं राजनीतिक हस्तक्षेप से पूरी तरह मुक्त रहती हैं, तब निष्पक्षता के साथ-साथ उत्कृष्ट नतीजे सामने आते हैं. राज्य सरकार ने अब तक साढ़े नौ लाख से अधिक पारदर्शी नियुक्तियां प्रदान कर प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया है. वर्ष 2017 से पहले प्रदेश लगातार दंगों और अनिश्चितता का सामना करता था. पुरानी सरकारों के भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के कारण सरकारी आयोगों की साख पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी.
पूर्ववर्ती व्यवस्था पर कड़ा प्रहार और भावी रोडमैप
पूर्ववर्ती शासन प्रणालियों की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अतीत में अयोग्य लोगों को संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुख पदों पर बैठाया गया, जिन्हें बाद में न्यायिक आदेशों के तहत जेल जाना पड़ा. पूर्व में अव्यवस्था फैलाने वालों को सचेत करते हुए उन्होंने घोषणा की कि आगामी छह महीनों के भीतर राज्य सरकार एक लाख अन्य युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी. वर्तमान सरकार बिना किसी भेदभाव के योग्य उम्मीदवारों को अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है.
