UP Chunav 2027: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव से अलग होगा. उन्होंने कहा कि हर विधानसभा सीट के स्तर पर चुनाव लड़ा जाएगा और सत्ता विरोधी लहर एक बड़ा फैक्टर होगी. AIMIM गठबंधन के लिए दूसरी पार्टियों से बातचीत कर रही है. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि आने वाला विधानसभा चुनाव किसी भी राजनीतिक दल के लिए आसान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि 2027 का चुनाव पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों से अलग परिस्थितियों में लड़ा जाएगा.
गठबंधन को लेकर ओवैसी ने क्या कहा?
एक मीडिया चैनल से बात करते हुए AIMIM प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी की प्रदेश की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों से गठबंधन को लेकर बातचीत कर रही है. उन्होंने कहा कि अगले महीने तक गठबंधन को अंतिम रूप देने की कोशिश है. विपक्षी दलों की ओर से AIMIM को नजरअंदाज किए जाने के सवाल पर ओवैसी ने कहा कि अगर वह बार-बार गठबंधन की अपील करते हैं और बड़ी पार्टियां उन्हें नजरअंदाज करती हैं, तो उनके पास विकल्प क्या है. उन्होंने इसे कुछ विपक्षी नेताओं का घमंड बताया.
यूपी में मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया
ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि सिर्फ चुनाव में वोट डालने से राजनीतिक ताकत नहीं बनती. AIMIM प्रमुख के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय के पास धार्मिक नेतृत्व है, लेकिन राजनीतिक नेतृत्व की कमी है. उन्होंने मुस्लिम समुदाय को मजबूत राजनीतिक भागीदारी की जरूरत पर जोर दिया.
यूपी में ओवैसी की रैलियां जारी
AIMIM ने उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं. ओवैसी ने 14 जून को बहराइच के मटेरा से पार्टी के अभियान की शुरुआत की थी. इसके बाद बिजनौर, मुरादाबाद, सहारनपुर और कानपुर में जनसभाएं की गईं. आगे श्रावस्ती और आजमगढ़ में भी रैलियां प्रस्तावित हैं.
गठबंधन नहीं हुआ तो 150-200 सीटों पर चुनाव की तैयारी
AIMIM नेताओं के मुताबिक, अगर विपक्षी दलों के साथ गठबंधन नहीं होता है तो पार्टी उत्तर प्रदेश की करीब 150 से 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. हालांकि, गठबंधन को लेकर बातचीत पूरी होने के बाद सीटों की संख्या में बदलाव संभव है. 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में AIMIM ने करीब 95 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली थी. 2027 के चुनाव को लेकर पार्टी अब संगठन विस्तार और जनसभाओं के जरिए अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है.
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