UP Crime News: सोनभद्र के शक्तिनगर थाना क्षेत्र में 22 अगस्त 2026 को एनसीएल बीना के सीनियर ओवरमैन रमाशंकर मिश्रा का शव बीना स्टेडियम के पास सड़क किनारे मिला था. पहली नजर में मामला सड़क हादसे का लगा, लेकिन घटनास्थल के कुछ संकेतों ने पुलिस को दूसरी दिशा में जांच करने पर मजबूर कर दिया. आखिर रमाशंकर की मौत कैसे हुई और उनका शव सड़क किनारे कौन लेकर आया था? पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल और लोकेशन की पड़ताल की तो कथित साजिश की कड़ियां जुड़ती चली गईं. पुलिस के मुताबिक, पत्नी प्रियंका मिश्रा और उसके प्रेमी विकास चौहान ने घर में विवाद के दौरान रमाशंकर की हत्या कर दी थी. इसके बाद दो अन्य साथियों की मदद से शव को सड़क किनारे ले जाकर उसे हादसा दिखाने की कोशिश की गई. मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
शाम को घर लौटे रमाशंकर और खुल गया ऐसा राज, जिसने सब बदल दिया
पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त को रमाशंकर सामान्य समय से पहले घर लौटे थे. वहां उन्होंने अपनी पत्नी प्रियंका मिश्रा और विकास चौहान को एक साथ देखा. इसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ. पुलिस की जांच में आरोप सामने आया कि इसी विवाद के दौरान प्रियंका और विकास ने रमाशंकर का गला दबाया और उनका सिर पत्थर के फर्श पर पटक दिया. गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई.
हत्या के बाद शुरू हुई हादसे की कहानी
रमाशंकर की मौत के बाद आरोपियों के सामने शव को छिपाने और घटना को दूसरी शक्ल देने की चुनौती थी. पुलिस के मुताबिक, विकास चौहान ने अनुराग सिंह उर्फ बादल और सोनू गुप्ता की मदद ली. तीनों ने शव को चादर और गमछे में लपेटा. इसके बाद उसे सड़क किनारे ले जाकर रख दिया गया. पुलिस के अनुसार, वाहन से चोट पहुंचाकर मौत को सड़क दुर्घटना जैसा दिखाने का भी प्रयास किया गया.
सड़क हादसा था या कुछ और? यहीं से बढ़ा पुलिस का शक
बीना स्टेडियम के पास सड़क किनारे शव मिलने के बाद शुरुआती तौर पर दुर्घटना की आशंका जताई गई. लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियां पुलिस को संदिग्ध लगीं. इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की. कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला गया. जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, शक की दिशा घर के भीतर तक पहुंच गई.
प्रेम-प्रसंग की कड़ी जुड़ी और खुलता गया राज
पुलिस के मुताबिक, रमाशंकर की पत्नी प्रियंका मिश्रा और विकास चौहान के बीच पहले से प्रेम-प्रसंग था. पुलिस का दावा है कि रमाशंकर को दोनों के संबंधों की जानकारी हो गई थी. 22 अगस्त को घर में दोनों को एक साथ देखने के बाद विवाद हुआ. इसी विवाद को पुलिस ने हत्या की घटना से जोड़ते हुए चार लोगों को आरोपी बनाया है.
24 घंटे में पुलिस ने सुलझाई गुत्थी
मामले की गंभीरता को देखते हुए शक्तिनगर पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की. पुलिस के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर घटना की कड़ियां जोड़ ली गईं. पुलिस ने रमाशंकर की पत्नी प्रियंका मिश्रा, विकास चौहान, अनुराग सिंह उर्फ बादल और सोनू गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया. चारों को जेल भेज दिया गया है.
दो बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
रमाशंकर मिश्रा की मौत से उनका परिवार सदमे में है. उनके पिता रामयश मिश्रा ने बेटे की मौत के बाद परिवार और उनकी दो बेटियों को लेकर चिंता जताई है. जिस घटना की शुरुआत सड़क किनारे मिले एक शव से हुई थी, पुलिस की जांच में वही मामला कथित हत्या और उसे दुर्घटना का रूप देने की साजिश तक पहुंच गया.
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