Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के श्री राम मंदिर को लेकर पिछले कुछ दिनों से जारी विवादों के बीच ट्रस्ट ने एक आधिकारिक प्रेस बयान जारी किया है और चोरी की घटनाओं पर गहरी चिंता, दुख जताया है. मामला सामने आने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है.
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो रही है : ट्रस्ट
ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हालिया घटनाक्रमों से वे बेहद आहत हैं. चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे मिल चुके हैं, जिन पर ट्रस्ट की आगामी बैठक में विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा और अंतिम निर्णय लिया जाएगा. ट्रस्ट ने देश-दुनिया के राम भक्तों को आश्वस्त किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा रही है. ट्रस्ट ने अपने बयान में कहा- पिछले कुछ दिनों में श्री राम मंदिर को लेकर जो खबरें सामने आई हैं, उससे हम स्तब्ध, आहत और गहरे दुख में हैं. हम भक्तों को विश्वास दिलाते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति दोबारा पैदा नहीं होने दी जाएगी.
भक्तों की अमानत सुरक्षित, अफवाहों पर न दें ध्यान
भक्तों को भरोसा दिलाते हुए ट्रस्ट ने साफ किया है कि भगवान राम के चरणों में अर्पित की गई एक-एक पाई और सामग्री पूरी तरह सुरक्षित है. जिन श्रद्धालुओं ने व्यक्तिगत रूप से चांदी की ईंटें, आभूषण या अन्य कीमती सामान ट्रस्ट के अधिकारियों को सौंपे थे, वे पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका एक-एक हिसाब मौजूद है.
कड़े कदम उठाने का संकल्प : ट्रस्ट
ट्रस्ट ने राम भक्तों को भरोसा दिलाया है कि वे व्यवस्था को और पारदर्शी बनाएंगे. भविष्य में इस तरह की किसी भी अप्रिय या दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति को रोकने के लिए सभी जरूरी और कड़े कदम उठाए जाएंगे.
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