नेपाल से अकेले वृंदावन पहुंचे भाई-बहन, दोनों बच्चों की अनोखी भक्ति देख भावुक हुए प्रेमानंद महाराज

UP News: नेपाल से दो छोटे भाई-बहन सिर्फ संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन की इच्छा लेकर सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर अकेले वृंदावन पहुंच गए. उनकी अटूट श्रद्धा की कहानी लोगों को भावुक कर रही है.

UP News: आस्था अगर सच्ची हो तो उम्र मायने नहीं रखती. इसका जीता-जागता उदाहरण वृंदावन में देखने को मिला, जहां नेपाल से दो छोटे भाई-बहन सिर्फ संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने की चाह में सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर अकेले ही वृंदावन पहुंच गए. दोनों ने घरवालों को बिना बताए यात्रा शुरू कर दी और सीधे श्रीराधा केलिकुंज आश्रम पहुंच गए. जब पुलिस की नजर इन मासूम बच्चों पर पड़ी तो पूरे मामले का खुलासा हुआ. अब इस घटना की चर्चा हर तरफ हो रही है. लोग इन बच्चों की अटूट श्रद्धा की मिसाल दे रहे हैं और कई लोगों का कहना है कि ऐसी भक्ति देखकर खुद प्रेमानंद महाराज भी कहेंगे कि ये बच्चे मेरे सबसे प्रिय भक्त हैं.

मोबाइल पर वीडियो देखते-देखते मन में जगी दर्शन की इच्छा

जानकारी के मुताबिक, नेपाल के रहने वाले 13 वर्षीय किशोर, जो छठी कक्षा का छात्र है, और उसकी 7 वर्षीय छोटी बहन, जो एलकेजी में पढ़ती है, अक्सर मोबाइल पर संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचन और वीडियो देखा करते थे. धीरे-धीरे दोनों के मन में वृंदावन जाकर महाराज के दर्शन करने की इच्छा इतनी प्रबल हो गई कि उन्होंने बिना किसी को बताए घर छोड़ने का फैसला कर लिया. बड़े भाई के पीछे-पीछे उसकी छोटी बहन भी चल पड़ी और दोनों अकेले ही यात्रा पर निकल गए.

नेपाल से गोरखपुर और फिर पहुंचे वृंदावन

पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे करीब तीन दिन पहले नेपाल से निकले थे. सबसे पहले गोरखपुर पहुंचे और वहां से मथुरा होते हुए वृंदावन आ गए. लंबा सफर तय करने के बाद दोनों परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीराधा केलिकुंज आश्रम के आसपास पहुंचे. वहीं वे अकेले घूमते हुए दिखाई दिए, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी.

आश्रम के पास मिले दोनों बच्चे, पुलिस ने सुरक्षित पहुंचाया थाने

सूचना मिलते ही वृंदावन पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों भाई-बहन को सुरक्षित कोतवाली ले आई. पुलिस ने जब बच्चों से पूछताछ की तो उनकी पूरी कहानी सामने आई. बच्चों ने बताया कि वे सिर्फ संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने की इच्छा लेकर नेपाल से यहां तक पहुंचे हैं. उनकी बात सुनकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए.

पिता को दी गई सूचना, बाल कल्याण समिति के सामने होंगे पेश

पुलिस ने तुरंत बच्चों के पिता से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया जाएगा. समिति के निर्देश के अनुसार परिजनों के आने तक बच्चों की सुरक्षित देखरेख की जाएगी. इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा.

मासूम भक्ति की कहानी ने छू लिया लोगों का दिल

नेपाल से अकेले वृंदावन पहुंचने वाले इन दोनों भाई-बहन की कहानी अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. इतनी कम उम्र में सिर्फ संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने की इच्छा लेकर सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करना हर किसी को भावुक कर रहा है. कई लोग इसे अटूट श्रद्धा और विश्वास का उदाहरण बता रहे हैं. वहीं पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान रखें, ताकि वे बिना जानकारी के घर से कहीं न निकल जाएं. फिलहाल यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. इतनी छोटी उम्र में सिर्फ संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने की चाह में नेपाल से अकेले वृंदावन पहुंच जाना लोगों को भावुक कर रहा है. बच्चों की मासूम श्रद्धा और अटूट विश्वास ने हर किसी का दिल जीत लिया है.

Also Read: वाराणसी दर्शन से लौट रहा था परिवार, पत्नी-बेटे के सामने बदमाशों ने बरसाईं गोलियां , हत्या के बाद जांच में जुटी पुलिस


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Lucky Kumari

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >