UP Cyber Crime News: पीलीभीत में साइबर ठगी के एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें लोगों के दस्तावेज लेकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाने का आरोप है. इन खातों को कथित तौर पर साइबर अपराध में इस्तेमाल किया जाता था. जहानाबाद पुलिस ने जांच के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, तीन बैंक खातों से करीब 102.54 करोड़ रुपये के लेनदेन का ब्योरा मिला है. जांच में देशभर की करीब 200 साइबर शिकायतों से भी इन खातों के तार जुड़ने की बात सामने आई है.
लोन और सरकारी योजना का झांसा देकर लेते थे दस्तावेज
मामले की शुरुआत गोदरेज निवासी दानिश की शिकायत से हुई. दानिश ने 30 जुलाई 2026 को जहानाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. उसका आरोप था कि करीब एक साल पहले मोहसिन और उसके साथियों ने लोन दिलाने का भरोसा देकर आधार, पैन समेत अन्य दस्तावेज लिए थे. बाद में इन्हीं दस्तावेजों से बैंक खाता खुलवाया गया. खाते का एटीएम और चेकबुक आरोपियों ने अपने पास रख लिए. जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को दूसरे लोगों के नाम पर भी इसी तरह खाते खुलवाने की जानकारी मिली. पुलिस के मुताबिक, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सरकारी योजना का लाभ दिलाने या खाता खुलवाने के बदले कुछ हजार रुपये देने का लालच दिया जाता था. दस्तावेज मिलने के बाद उनके नाम पर खाते खुलवाए जाते थे. इसके बाद एटीएम, पासबुक और चेकबुक आरोपियों के कब्जे में रख लिए जाते थे.
तीन खातों में करोड़ों का लेनदेन
पुलिस की प्रारंभिक बैंकिंग जांच में तीन खातों से जुड़े बड़े लेनदेन का पता चला है. हारून से जुड़े खाते में 85 शिकायतों के दौरान करीब 42.54 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी मिली. मोहसिन के खाते में 15 शिकायतों से संबंधित करीब 32 करोड़ रुपये का लेनदेन बताया गया है. वहीं राहुल के खाते में 34 शिकायतों के दौरान करीब 28 करोड़ रुपये के लेनदेन का ब्योरा सामने आया है. तीनों खातों का कुल लेनदेन करीब 102.54 करोड़ रुपये बताया गया है.
छह मोबाइल और लैपटॉप समेत सामान बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 16 आधार कार्ड, 10 एटीएम कार्ड, सात चेकबुक और 10 बैंक पासबुक बरामद करने की बात कही है. पुलिस के अनुसार, संबंधित खातों में करीब पांच लाख रुपये की रकम होल्ड कराई गई है. बरामद मोबाइल और लैपटॉप से मिले डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है.
दो और संदिग्धों की तलाश
जांच में पुलिस को विशाल मौर्य और फरमान पुत्र अफसर खां, निवासी हरवंशपुर लक्ष्मीनियापुर, भोजीपुरा क्षेत्र, बरेली की भूमिका के संबंध में भी जानकारी मिली है. दोनों की तलाश की जा रही है. पुलिस अब अन्य बैंक खातों, मूल खाताधारकों और साइबर ठगी से जुड़े लाभार्थियों की भी जांच कर रही है. गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की जा रही है.
