Paper Leak Case: पेपर लीक में दोषी पाए गए तो उम्रकैद और एक करोड़ का जुर्माना, योगी सरकार ने अध्यादेश को दी मंजूरी

Paper Leak Case: देशभर में NEET-UG paper leak मामला सुर्खियों में है. इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है. इधर पेपर लीक मामले में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इससे जुड़े अध्यादेश को मंजूरी दे दी है.

Paper Leak Case: उत्तर प्रदेश में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा और आरओ-एआरओ परीक्षा के पेपर लीक होने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अध्यादेश 2024 लाने जा रही है. इस प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. अध्यादेश में दोषियों को आजीवन कारावास और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान होगा. अब इस अध्यादेश को विधानसभा में रखा जाएगा. वहां से मंजूरी मिलने के बाद राज्यपाल के पास भेजा जाएगा, फिर यह कानून का रूप ले लेगा.

पेपर लीक मामले में दोषी पाए गए तो उम्रकैद की सजा और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये इस अहम फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि पेपर लीक के संबंध में मंत्रिमंडल ने एक अध्यादेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इस प्रस्ताव के तहत प्रश्न पत्र लीक करने के मामले में पकड़े जाने वाले लोगों को दो वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की कैद और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है. उन्होंने बताया, सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों, प्रश्न पत्र लीक और सॉल्वर गिरोह पर प्रतिबंध लगाने और उनसे जुड़े मामलों में प्रावधान करने के उद्देश्य से संविधान के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए ‘उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम अध्यादेश—2024’ के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है.

नौकरी का झांसा देने के लिये वेबसाइट बनाना भी दंडनीय अपराध

मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि यह अध्यादेश लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश सेवा चयन बोर्ड, विश्वविद्यालय प्राधिकरण निकाय एवं उनके द्वारा नामित संस्था में किसी प्रकार की भर्ती परीक्षा, नियमितीकरण या डिग्री, डिप्लोमा प्रमाणपत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र की प्रवेश परीक्षा पर भी लागू होगा. उन्होंने कहा कि फर्जी प्रश्न पत्र बांटना, नौकरी का झांसा देने के लिये वेबसाइट बनाने को भी दंडनीय अपराध बनाया गया है. मंत्री ने कहा कि इस अध्यादेश के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर न्यूनतम दो वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तथा एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है.

परीक्षा प्रभावित होने की स्थिति में सॉल्वर गिरोह से वसूला जाएगा खर्च, ब्लैक लिस्ट होंगी कंपनियां

यदि परीक्षा प्रभावित होती है, तो उस पर आने वाले वित्तीय भार को सॉल्वर गिरोह से वसूलने और परीक्षा में गड़बड़ी करने वाली कम्पनियों तथा सेवा प्रदाताओं को सदैव के लिए ब्लैक लिस्ट करने का भी प्रावधान किया गया है.

अधिनियम में कुर्की का भी प्रावधान

अधिनियम में अपराध की दशा में सम्पत्ति की कुर्की का भी प्रावधान है. अधिनियम के समस्त अपराध सज्ञेय, गैर जमानतीय और सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय बनायी गयी है. जमानत के संबंध में भी कठोर प्राविधान किये गये हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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