मायावती ने बंद किया दरवाजा तो चंद्रशेखर ने खोल दिया! आकाश आनंद को दिया बड़ा ऑफर, बोले- हमारे यहां रास्ते हमेशा खुले

UP Politics: BSP सुप्रीमो मायावती द्वारा अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह अलग किए जाने के बाद आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने आकाश के लिए अपनी पार्टी के दरवाजे खुले होने की बात कही है. उन्होंने आकाश को अपना छोटा भाई बताते हुए बहुजन मिशन के लिए साथ काम करने का प्रस्ताव दिया है.

UP Politics: उत्तर प्रदेश की बहुजन राजनीति में शनिवार को एक नया सियासी मोड़ सामने आया. BSP सुप्रीमो मायावती द्वारा अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह अलग किए जाने के बाद आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद के लिए अपनी पार्टी के दरवाजे खुले होने की बात कही है. उन्होंने आकाश को अपना छोटा भाई बताते हुए कहा कि अगर वह बहुजन मिशन के लिए काम करना चाहते हैं तो आजाद समाज पार्टी में उनका स्वागत है.

मायावती के फैसले के बाद चंद्रशेखर का बड़ा बयान

आकाश आनंद को लेकर सवाल पूछे जाने पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि फिलहाल उनका आकाश से कोई संपर्क नहीं हुआ है. हालांकि उन्होंने साफ किया कि आकाश के लिए उनकी पार्टी के दरवाजे बंद नहीं हैं. चंद्रशेखर के मुताबिक, अगर आकाश बहुजन महापुरुषों के विचारों और उनके अधूरे मिशन को आगे बढ़ाना चाहते हैं तो दोनों मिलकर काम कर सकते हैं.

बोले- आकाश ने आलोचना की, फिर भी छोटा भाई माना

चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद की ओर से अतीत में की गई राजनीतिक आलोचनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भले ही आकाश ने उनकी आलोचना की हो, लेकिन उन्होंने हमेशा उन्हें अपने छोटे भाई की तरह माना है. यही वजह है कि अब भी उनके लिए राजनीतिक रास्ता खुला हुआ है.

बहुजन मिशन को लेकर क्या बोले चंद्रशेखर?

आजाद समाज पार्टी प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी बहुजन महापुरुषों के विचारों और उनके मिशन को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति इसी उद्देश्य के साथ जुड़ना चाहता है, उसका स्वागत है. हालांकि आकाश आनंद के पार्टी में शामिल होने की कोई घोषणा नहीं हुई है और चंद्रशेखर ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी दोनों के बीच संपर्क नहीं हुआ है.

BSP में आकाश का सियासी भविष्य क्या?

चंद्रशेखर का यह बयान ऐसे समय आया है जब BSP में परिवार और उत्तराधिकार को लेकर लगातार बड़े फैसले हो रहे हैं. 10 सितंबर को मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियों से पूरी तरह मुक्त करने की घोषणा की थी. इसके बाद 12 सितंबर को उन्होंने अपने भाई आनंद कुमार के बेटों आकाश और ईशान आनंद को भी BSP में किसी राजनीतिक पद पर नहीं रखने का फैसला सार्वजनिक किया.

2027 से पहले नई बहुजन सियासत के संकेत?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले चंद्रशेखर का यह ऑफर राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है. आकाश आनंद का नाम लंबे समय से BSP की अगली पीढ़ी के नेतृत्व से जोड़ा जाता रहा है. ऐसे में मायावती के फैसले के तुरंत बाद चंद्रशेखर का उन्हें सार्वजनिक रूप से साथ आने का निमंत्रण देना बहुजन राजनीति में नए समीकरण की संभावनाओं को जन्म देता है. हालांकि फिलहाल यह सिर्फ एक राजनीतिक प्रस्ताव है—आकाश आनंद की ओर से इसे स्वीकार करने या आजाद समाज पार्टी में जाने की कोई घोषणा नहीं हुई है.

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By तिलक कुमार

तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

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