UP Politics: बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद को बड़ी जिम्मेदारियों से हटाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में नई चर्चा शुरू हो गई है. मायावती के फैसले के अगले ही दिन योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने आकाश आनंद को अपनी पार्टी में आने का खुला ऑफर दिया. उन्होंने कहा कि आकाश आनंद चाहें तो निषाद पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकते हैं. आगे चलकर उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना से भी उन्होंने इनकार नहीं किया.
संजय निषाद ने दिया खुला ऑफर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संजय निषाद ने आकाश आनंद को अपनी पार्टी में आने का न्योता दिया. उन्होंने कहा कि युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए. उनके मुताबिक, आकाश आनंद निषाद पार्टी में आकर बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि आकाश की क्षमता के अनुसार उन्हें पद दिया जाएगा. संजय निषाद ने कहा कि आकाश आनंद बड़े पद और बड़ी सोच के साथ पार्टी में आएं. उन्होंने भविष्य में आकाश को निषाद पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना भी जताई. साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में सभी वर्गों और युवाओं के लिए जगह है.
मायावती के फैसले पर उठाए सवाल
आकाश आनंद को अपरिपक्व बताए जाने को लेकर भी संजय निषाद ने मायावती पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि किसी युवा को काम करने का अवसर नहीं मिलेगा, तो वह अनुभव कैसे हासिल करेगा. उन्होंने बीएसपी में युवाओं और नए विचारों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलने का दावा किया. संजय निषाद ने कहा कि अगर आकाश आनंद उनकी पार्टी में आते हैं, तो उनका पूरा सम्मान किया जाएगा. उन्होंने आकाश के साथ मिलकर शोषित, वंचित और युवाओं के मुद्दों को मजबूती से उठाने की बात कही.
2027 से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम अहम माना जा रहा है. आकाश आनंद लंबे समय तक मायावती के राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर देखे जाते रहे हैं. उन्हें बीएसपी का नेशनल कोऑर्डिनेटर भी बनाया गया था और पार्टी के चुनावी अभियान में अहम जिम्मेदारी दी गई थी. आकाश आनंद ने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी और केंद्र सरकार पर कई बार तीखे हमले किए थे. हालांकि, बाद में उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों से दूर किया गया. उनकी वापसी के बाद उन्हें फिर संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका मिली, लेकिन अब मायावती ने उन्हें सभी प्रमुख जिम्मेदारियों से हटा दिया है.
अब आकाश के अगले कदम पर नजर
मायावती के फैसले के बाद आकाश आनंद के अगले राजनीतिक कदम को लेकर सवाल उठने लगे हैं. फिलहाल वह बीएसपी से जुड़े हुए हैं और उन्हें पार्टी से निष्कासित नहीं किया गया है. ऐसे में संजय निषाद का यह खुला ऑफर सियासी चर्चा को और बढ़ा रहा है. अब देखना होगा कि आकाश आनंद बीएसपी में ही सक्रिय रहते हैं या भविष्य में किसी दूसरे राजनीतिक विकल्प पर विचार करते हैं. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूपी की राजनीति में इस घटनाक्रम का असर कितना पड़ता है, इस पर भी सबकी नजर रहेगी.
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