Mahakumbh Video : माघी पूर्णिमा में उमड़ा जनसैलाब, 2 बजे तक 1.83 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने किया स्नान

Mahakumbh Video : महाकुंभ में स्नानार्थियों की संख्या मंगलवार तक 45 करोड़ के पार पहुंच चुकी थी. बुधवार को इसमें और इजाफा हो रहा है. माघी पूर्णिमा पर खास व्यवस्था की गई है. श्रद्धालुओं की घर वापसी के लिए 1200 अतिरिक्त रोडवेज बसें ग्रामीण क्षेत्र के लिए रिजर्व की गई है. हर 10 मिनट पर बस मिलेगी.

Mahakumbh Video : प्रयागराज के संगम तट पर बुधवार को फिर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. माघी पूर्णिमा होने की वजह से श्रद्धालु अपने पूरे परिवार के साथ संगम तट पर पहुंच रहे हैं और स्नान कर रहे हैं. अनुमान है कि आज करीब 2 करोड़ लोग महाकुंभ में स्नान करने पहुंच सकते हैं. सरकारी आंकड़े के अनुसार, आज दोपहर 2 बजे तक 1.83 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान कर लिया है. इनमें कल्पवासी की संख्या 10 लाख से अधिक है जबकि तीर्थयात्री 1.73 करोड़ पहुंचे. पूरे शहर को 12 फरवरी तक नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है. महाकुंभ मेले में संगम में स्नान करने वाले साधु-संतों, श्रद्धालुओं, कल्पवासियों और आम स्नानार्थियों की संख्या मंगलवार को 45 करोड़ को पार कर गई.

महाकुंभ में स्नानार्थियों की संख्या जा सकती है 50-55 करोड़ के ऊपर

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को दोपहर 12 बजे तक 10 लाख कल्पवासियों समेत कुल 81.60 लाख लोगों ने स्नान किया. अभी तक 45.58 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं. मंगलवार की सुबह 8 बजे ही महाकुंभ में 45 करोड़ स्नानार्थियों की संख्या पार हो गई. मंगलवार को सुबह 8 बजे तक करीब 50 लाख श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में पावन डुबकी लगाई. संभावना है कि स्नानार्थियों की संख्या 50-55 करोड़ के ऊपर जा सकती है.

महाकुंभ पहुंचाने के लिए रोडवेज ने की अलग से व्यवस्था

यूपी रोडवेज ने प्रयागराज में त्रिवेणी के तट पर आने वाले श्रद्धालुओं को वापस पहुंचाने के लिए कमर कस ली है. अलग से रिजर्व बसों के अलावा कनेक्टिंग सेवा के लिए शटल बसों का एक बेड़ा भी तैयार किया गया है. श्रद्धालुओं को घर वापसी के लिए 1200 रोडवेज बस रिजर्व है जो हर 10 मिनट में मौजूद होगी. उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने बताया कि महाकुंभ-2025 मेला के मुख्य स्नान पर्वों के सफल संचालन के लिये बसों की पूर्ति हेतु 1200 अतिरिक्त ग्रामीण बसों की वृद्धि कर, क्षेत्रवार आवंटन किया गया है. इसके अलावा महाकुंभ के लिए 3050 बसें पहले से ही चल रहीं हैं. 3050 बसों के अलावा माघ पूर्णिमा और आगे के स्नान के लिए 1200 बसे रिजर्व में रखी गई हैं, जिससे कि आने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो. महाकुंभ क्षेत्र से चार अस्थाई बस स्टेशन पहुंच रहे आगंतुकों के लिए हर 10 मिनट में रोडवेज बस मिलेगी.

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मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने दिए कई निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ पूर्णिमा के रूप में स्नान पर्व पर आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने के लिए चाक चौबंद व्यवस्था के निर्देश दिए हैं. स्पष्ट आदेश है कि मेला क्षेत्र तथा प्रयागराज शहर में किसी भी स्नानार्थी, श्रद्धालु, कल्पवासी या आम नागरिक को किसी प्रकार की असुविधा न हो. ऐसे में, ट्रैफिक, गाड़ियों के अच्छी तरह से आने जाने की सुविधा, पार्किंग, सुरक्षा समेत विभिन्न पहलुओं पर पूरी तत्परता के साथ स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा कार्य किया जा रहा है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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