इंसानों को खाया, भेजे का पिया सूप, नरभक्षी राजा कोलंदर को उम्र कैद

UP Serial Killer: राजा कोलंदर एक सनकी और बर्बर किलर था, जिसने अपने दुश्मनों की खोपड़ी को फार्म हाउस के पेड़ों पर टांग दिया था. जाति के अनुसार खोपड़ियों को रंगता, नाम लिखता और फिर उनकी अदालत लगाकर सजा सुनाता था.

UP Serial Killer: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शुक्रवार को नरभक्षी राजा कोलंदर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने यह फैसला 25 साल पुराने सनसनीखेज मामले में सुनवाई करते हुए दिया है. साथ ही उसके सहयोगी बच्छराज कोल को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. दोनों के खिलाफ ढाई-ढाई लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है.  

Netflix की सीरीज की तरह है क्रूरता की दास्तां

राजा कोलंदर खौफ का दूसरा नाम है. वह निर्दोषों की बेरहमी से हत्या, शवों के टुकड़े काटकर इधर-उधर छिपाना और इंसानी दिमाग का सूप पीता था. राजा कोलंदर की क्रूरता की कहानी 2022 में नेटफ्लिक्स पर आई डॉक्यूमेंट्री Indian Predator: Butcher of Delhi की तरह है, जिसमें उसके 14 हत्याओं का खुलासा हुआ.

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पत्रकार की हत्या से शुरू हुआ खौफनाक राज

सीरियल किलर राजा कोलंदर की दहशत की शुरुआत एक पत्रकार की हत्या से हुई. पत्रकार धीरेंद्र की हत्या के बाद पुलिस की जांच जिला पंचायत सदस्य फूलन देवी के घर तक पहुंची. तलाशी में धीरेंद्र का सामान मिला और राजा कोलंदर ने जुर्म कबूल कर लिया. उसने अपने फार्म हाउस में दफनाए गए 14 नर मुंडों का भी खुलासा किया. धीरेंद्र को उसके साले बच्छराज ने गोली मारी थी, जिसके बाद शव के टुकड़े मध्य प्रदेश के खेतों में दफन कर दिए गए और सिर को पॉलिथीन में लपेटकर बाणसागर तालाब में फेंक दिया गया.

जातियों के आधार पर रंगता था खोपड़ी

राजा कोलंदर एक सनकी और बर्बर किलर था, जिसने अपने दुश्मनों की खोपड़ी को फार्म हाउस के पेड़ों पर टांग दिया था. जाति के अनुसार खोपड़ियों को रंगता, नाम लिखता और फिर उनकी अदालत लगाकर सजा सुनाता था. पुलिस ने उसकी डायरी भी बरामद की, जिसे वह ‘अदालती डायरी’ कहता था, जिसमें कत्ल की सूची दर्ज थी.

इंसानी दिमाग का पीता था सूप

राजा कोलंदर अपने दुश्मनों को सबक सिखाने के लिए इतना क्रूर था कि वह उनके दिमाग को उबालकर उसका सूप पीता था. शव के बाकी हिस्से सुअरों के सामने और जंगलों में फेंक देता था. राजा कोलंदर का इतिहास आपराधिक था, लेकिन उसने पहली हत्या 1998 में की थी. उसके बाद उसका खौफनाक सफर जारी रहा,.जो पत्रकार की हत्या तक पहुंचा. इस सजा के बाद लखनऊ की अदालत ने एक भयानक सीरियल किलर की कहानी को आखिरकार खत्म कर दिया है, जो लंबे समय तक लोगों के लिए एक रहस्य और डर का कारण बना था.

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लेखक के बारे में

By Shashank Baranwal

जीवन का ज्ञान इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, पेशे का ज्ञान MCU, भोपाल से. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल डेस्क पर कार्य कर रहा हूँ. राजनीति पढ़ने, देखने और समझने का सिलसिला जारी है. खेल और लाइफस्टाइल की खबरें लिखने में भी दिलचस्पी है.

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