पीलीभीत: आखिरकार पकड़ा गया गांव में पहुंचा बाघ, वन विभाग की टीम ने किया ट्रेंकुलाइज, लोगों ने ली राहत की सांस

पीलीभीत में घर में बाघ के पहुंचने की सूचना लोगों ने वन महकमे को दी. सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दीवार के चारों ओर जाल लगा दिया गया. इस बीच पूरे क्षेत्र में बाघ के घर में पहुंचने की जानकारी फैल गई. इस वजह से दूर-दूर से लोग बाघ को देखने के लिए पहुंचने लगे और मौके पर भारी भीड़ जुट गई.

Pilibhit News: उत्तर प्रदेश में टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों में बाघ के पहुंचने की घटनाओं में इजाफा हो रहा है. इस वजह से इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग दहशत में हैं. बाघ का आबादी के बीच पहुंचना इंसान और वन्यजीव दोनों के लिए खतरनाक है. ताजा प्रकरण में पीलीभीत जनपद के कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव अटकौना में बाघ के पहुंचने से दहशत फैल गई. यहां बाघ सोमवार देर रात करीब एक बजे किसान सुखविंदर सिंह के घर में घुस गया. देर रात बच्चे की नजर जब दीवार पर बैठे बाघ पर गई तो परिवार के लोगों में हड़कंप मच गया. वहीं किसान के घर में बाघ घुसने की जानकारी मिलने पूरे गांव के लोग दशहत में आ गए. मंगलवार को पूरे दिन मौके पर भीड़ जुटी रही. आखिरकार करीब 12 घंटे के बाद वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने में कामयाब हुई. टीम ने ट्रेंकुलाइज कर बाघ को पकड़ा. इस दौरान लोग वीडियो बनाते रहे. अब बाघ को जंगल में छोड़न की तैयारी है. वन विभाग की टीम ने उसे बेहोश कर पिंजरे में कैद किया. बाघ के पकड़ने जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है.


ग्रामीणों ने वन विभाग को दी बाघ की सूचना

ग्रामीणों ने प्रकरण की सूचना उत्तर प्रदेश के वन महकमे को दी. इसके बाद लोग मौके पर जुटे. वहीं सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दीवार के चारों ओर जाल लगा दिया गया. इस बीच पूरे क्षेत्र में बाघ के घर में पहुंचने की जानकारी फैल गई. इस वजह से दूर दूर से लोग बाघ को देखने के लिए पहुंचने लगे और मौके पर भारी भीड़ जुट गई. इनमें बच्चों से लेकर महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल रहे.

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लोगों की भीड़ के बीच बाघ दीवार पर बैठा

इससे पहले स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि काफी वक्त गुजरने के बाद भी वन महकमा कुछ नहीं कर पाया है. उसके पास बाघ को पकड़ने की कोई योजना नहीं है. उधर मौके पर भीड़ बढ़ने लगी. थाना पुलिस भी मौके पर मौजूद रही. ग्रामीणों में वन विभाग की टीम के देर से पहुंचने पर आक्रोश नजर आया. वहीं अपने ईद गिर्द इतनी भीड़ और जाल के बीच बाघ मकान की दीवार पर बैठा रहा. हालत ये रही कि गांव में पहुंचे बाघ को देखने के लिए ग्रामीण बाघ के काफी नजदीक पहुंच गए. बाघ से महज पांच फीट की दूरी पर स्थित ग्रामीण और बाघ के बीच संघर्ष की स्थिति को लेकर कोई उपाय नहीं किए गए. हालांकि बाघ ने कोई आक्रामक रुख नहीं अपनाया. वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि मौके पर टीम निगरानी के लिए तैनात है. इसके बाद टीम ने जाल की मदद से बाघ पर काबू पाया. अब उसे जंगल में भेजने की बात कही जा रही है.

बाघ ने भैंस और गाय का किया शिकार

इस बीच एक अन्य मामले में पूरनपुर क्षेत्र में हरीपुर जंगल से निकले बाघ ने गांव बंजरिया के समीप खेतों में चर रही एक भैंस और गांव बिनौरा के समीप अन्य गाय को मार डाला. बताया जा रहा है कि जंगल से निकले बाघ ने गांव बंजरिया के समीप खेत में चर रही भैंस को मार डाला. अधखाया भैंस का शव मिलने की सूचना हरीपुर रेंज के कर्मचारियों को दी गई. इसके अलावा गांव बिनौरा के समीप खेत में घूम रही छुट्टा गाय को भी बाघ ने मार डाला. खेत में शव मिलने पर लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी. लोगों के मुताबिक रात को बाघ गांव जटपुरा के समीप एक ईंट-भट्ठे के समीप घूमता देखा गया. सुबह ईंट-भट्ठा परिसर में बाघ के पगचिह्न देखे गए. तीनों स्थानों पर पहुंची हरीपुर की टीम को बाघ के पगचिह्न मिले.

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लेखक के बारे में

By Sanjay Singh

working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.

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