Unnao Case: उन्नाव केस में 37 घंटे तक चलती रही राजनीति, दोबारा पोस्टमार्टम के बाद फिर से दफनाया गया शव

पूजा हत्याकांड में कुछ राजनीतिक लोगों के कहने पर मृतका की मां ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की थी, यह बात उसने खुद स्वीकारी है. मृतका की मां रीता की मांग पर शव का दोबारा पोस्टमार्टम हुआ तो दोनों रिपोर्ट में अंतर होने पर बखेड़ा हो गया.

Unnao Puja Murder Case: उत्तर प्रदेश के उन्नाव में अनुसूचित जाति की युवती की हत्या के बाद बरामद लाश पर चुनावी माहौल में खूब सियासत हुई. आखिरकार 37 घंटे बाद गुरुवार की अहले सुबह शव को जाजमऊ के चंदन घाट में मिट्टी में फिर से दफनाया गया. इस मामले में सपा नेता और पूर्व राज्यमंत्री स्व. फतेहबहादुर सिंह का बेटा रजोल आरोपी है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

पूजा हत्याकांड में कुछ राजनीतिक लोगों के कहने पर मृतका की मां ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की थी, यह बात उसने खुद स्वीकारी है. मृतका की मां रीता की मांग पर शव का दोबारा पोस्टमार्टम हुआ तो दोनों रिपोर्ट में अंतर होने पर बखेड़ा हो गया. परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस पर धरना देने लगे. कांग्रेस नेताओं के पहुंचने से उन्होंने अफसरों की नहीं सुनी. इसके बाद धरना लंबा खिंचता चला गया.

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली से आई सुप्रीम कोर्ट की वकील अवनि बंसल ने मेडिकल बोर्ड के गठन की मांग की और हाईकोर्ट से जिला न्यायालय तक का दरवाजा खटखटाया पर कहीं राहत नहीं मिलने पर उन्होंने पैर पीछे कर लिए. इस दौरान 37 घंटे शव लोडर में रखा रहा और धरना भी चलता रहा.

पोस्टमार्टम हाउस में प्रियंका वाड्रा के आने पर खुद का चेहरा चमकाने पहुंचे कांग्रेसी कार्यक्रम निरस्त होने की सूचना पर एक-एक कर रात में ही खिसक गए थे. कुछ हाथ न लगने पर परिजनों ने पुलिस से मदद मांगी. पुलिस ने रात में सभी के खाने और बिस्तर का इंतजाम किया. सुबह में शव को मिट्टी में दबा दिया.

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शहर के एक मोहल्ला निवासी पूजा (22) की 8 दिसंबर 2021 को सपा नेता और पूर्व राज्यमंत्री स्व. फतेहबहादुर सिंह के बेटे रजोल ने अगवा कर हत्या की थी. 10 फरवरी को पुलिस ने शव दिव्यानंद आश्रम परिसर में गड्ढा खुदवाकर बरामद किया. 11 फरवरी को शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद जाजमऊ के चंदन घाट पर दफना दिया गया था. इसके बाद मामले में राजनीति भी खूब होने लगी थी.

मृतका पूजा की मां रीता की मांग पर डीएम रवींद्र कुमार ने सोमवार को दोबारा पोस्टमार्टम की स्वीकृति दी थी. इसके बाद दोबारा हुए पोस्टमार्टम में शव के बाएं घुटने के ऊपर भी चोट मिली है. जबकि, पहली रिपोर्ट में इसका जिक्र नहीं था. सिर के चोट में भी अंतर मिला. इसी अंतर पर हंगामा शुरू हुआ था.

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