PCS Jyoti Maurya: होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे पर अब तक इसलिए नहीं लिया जा सका एक्शन, इस बात का है इंतजार

ज्योति मौर्य के प्रकरण को लेकर चर्चा में आए होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. शासन में जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद उनके खिलाफ एक्शन का इंतजार है. कहा जा रहा है कि फॉरेंसिक परीक्षण कराए जाने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है.

Lucknow News: पीसीएस अफसर ज्योति मौर्य के प्रकरण में होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे के खिलाफ सौंपी गई जांच रिपोर्ट का शासन में परीक्षण हो रहा है. हालांकि अभी तक मामला किसी नतीजे तक नहीं पहुंचा है. कुछ तथ्यों को लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई है. इसकी वजह से परीक्षण में तमाम खामियां सामने आ रही हैं.

बताया जा रहा है कि इन खामियों और उसके कारण हो रही दुविधा की वजह से ही कमांडेंट के खिलाफ अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया जा सका है. सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट पर विधिक राय लिए जाने की तैयारी है. इसके आधार पर सरकार कार्रवाई करेगी. होमगार्ड कमांडेंट पर महिला पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य के पति द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद मामले की जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जा चुकी है.

महिला अधिकारी से करीबी रिश्तों और उसके पति की हत्या के षड्यंत्र समेत अन्य तथ्यों की जांच की गई थी. डीआईजी होमगार्ड, प्रयागराज रेंज की रिपोर्ट में दोषी पाए गए कमांडेंट के विरुद्ध होमगार्ड मुख्यालय से निलंबन व विभागीय कार्यवाही की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी.

Also Read: UP Weather Update: यूपी में अगले चौबीस घंटे में भारी बारिश के आसार, नदियों का रौद्र रूप देखकर लोग सहमे

इसके साथ ही महिला अधिकारी के पति की हत्या के षड्यंत्र के मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच किए जाने की बात भी कही गई थी. कहा जा रहा है कि जांच रिपोर्ट में इसे लेकर कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं दिया गया. जो साक्ष्य दिए गए हैं, उनका फॉरेंसिक परीक्षण कराए बिना किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता.

इस संबंध में कुछ वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि कमांडेंट की पत्नी ने उनके खिलाफ उत्पीड़न के जो आरोप लगाए हैं, उसे लेकर भी तस्वीर पूरी तरह से साफ नहीं है. कमांडेंट और उनकी पत्नी के बीच विवाद को लेकर कोर्ट में तलाक का वाद दायर है.

दो वर्ष पहले मनीष दुबे से विवाह करने वाली लखनऊ की युवती ने डीआईजी को दिए अपने बयान में दहेज मांगने का आरोप लगाया है. अधिकारियों के मुताबिक विवाह के एक माह बाद ही अदालत में तलाक का मुकदमा दायर कर दिया गया था. ऐसे में दहेज मांगने के आरोप का अब संज्ञान लेना विधिक रूप से उचित नहीं है. इसके साथ ही महिला पीसीएस अधिकारी का भी अपने पति से पुराना विवाद है. इन स्थितियों के मद्देनजर शासन स्तर पर अभी कोई निर्णय नहीं किया जा सका है.

दरअसल होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे पर बरेली में तैनात रहने के दौरान एक महिला पीसीएस अधिकारी से करीबी रिश्ते होने का गंभीर आरोप लगा था. यह आरोप महिला अधिकारी के पति ने लगाया था. उसने पत्नी और कमांडेंट पर मिलकर उसकी हत्या की साजिश रचे जाने की आशंका भी जताई थी. महिला अधिकारी के पति ने कई साक्ष्यों को सार्वजनिक भी किया था.

होमगार्ड मुख्यालय ने इसकी जांच डीआईजी संतोष कुमार सिंह को सौंपी थी. जांच में दोषी पाए गए कमांडेंट के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई है. जांच रिपोर्ट में महिला अधिकारी व कमांडेंट के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग को शामिल किया गया है. इसमें कमांडेंट कहते हैं, ‘क्यों न उसे बीच से हटा दें. हमें बार-बार डिस्टर्ब कर रहा है’.

इसके बाद महिला पीसीएस अधिकारी अपने पति का नाम लेती है, जिस पर कमांडेंट हामी भरते हैं. वह कहते हैं कि कहानी ही खत्म कर देते हैं. इन तथ्यों की पुलिस जांच में कमांडेंट की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. हालांकि इस रिकॉर्डिंग में आवाज वास्तव में होमगार्ड कमांडेंट और महिला पीसीएस अधिकारी की है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है.

अहम बात है कि इस मामले में फंसी महिला पीसीएस अधिकारी डीआईजी के सामने बयान देने से बचती रही थीं. उन्होंने जांच अधिकारी से अदालत में बयान दर्ज कराने की बात कही थी. महिला पीसीएस अधिकारी ने भी पति के खिलाफ प्रयागराज में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया है.

ज्योति मौर्य का कहना है कि आलोक के पास उनकी प्राइवेट तस्वीरें हैं. जिसे वह वायरल कर देगा और उनकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी. ज्योति मौर्य ने कहा कि पति ने उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक किया था. उनकी कई प्राइवेट तस्वीर आलोक के पास हैं. इसके अलावा उनकी नौकरी से जुड़े डॉक्युमेंट्स और विभाग की गोपनीय चीजें भी आलोक के पास हैं. ज्योति मौर्य ने कहा कि ऐसे में अगर वह आलोक के खिलाफ कोई एक्शन लेती हैं, तो वह उन चीजों को वायरल कर देगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sanjay Singh

working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >