UP में छह साल में बेरोजगारी दर नौ अंक गिरी, योगी सरकार से पहले 13.25 के पास नहीं था काम, अब केवल 4.20 बेरोजगार

उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी धड़ाम हो रही है. रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं. बीते छह साल में लोगों को इतना रोजगार मिला है कि बेरोजगारों की संख्या में एकदम गिरावट आयी है. बेरोजगारी की दर करीब नौ अंक नीचे चली गयी है.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी धड़ाम हो रही है. रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं. बीते छह साल में लोगों को इतना रोजगार मिला है कि बेरोजगारी की औसत दर 13.25 से घटकर 4.20 पर पहुंच गयी है. राष्ट्रीय स्तर पर देखा जाये तो पूरे देश में बेरोजगारों की संख्या की औसत दर 7.10 है. यूपी विधानसभा में राज्य के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने जो जानकारी दी है वह युवाओं को खुश करने वाली है.

बेरोजगारी का राष्ट्रीय औसत 7.10  उत्तर प्रदेश का 4.64

सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडिया इकोनॉमी (Centre for Monitoring India Economy-CMIE)  के सर्वे को आधार मानते हुए श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि बेरोजगारी दर का राष्ट्रीय औसत 7.10 है जबकि उत्तर प्रदेश की यह दर घटकर 4.20 हो गयी है. अनिल राजभर का दावा है कि इसका गिरना जारी रहेगा. आंकड़ों की बात करें तो 2016 में भारत का राष्ट्रीय औसत 8.29 था. वहीं उत्तर प्रदेश बेरोजगार की संख्या का औसत 13.25 था. एक साल बाद 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार में बेरोजगारी का ग्राफ घट गया. देश के राष्ट्रीय औसत साढ़े चार के मुकाबले 3.64 पहुंच गया.

ऐसे तय होती है बेरोजगारी की दर

सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडिया इकोनॉमी हर महीने सैंपल सर्वे के रूप में 15 साल से अधिक उम्र के लोगों का घर-घर जाकर सर्वे करती है. कौन क्या रोजगार कर रहा है. किसके पास क्या काम है. कौन क्या काम तलाश रहा है इसका ब्यौरा जुटाती है. इसके बाद वह देश और राज्यवार परिणाम जारी करती है. हालांकि कई एक्सपर्ट सर्वे की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा चुके हैं.

आंकड़ों में समझें ऐसे कम हुइ यूपी में बेरोजगारी की दर

– कुल 30742 रोजगार मेला से 574587 को प्राइवेट नौकरी मिली

– एक साल में 1536 रोजगार मेला ने दिया 172251 को रोजगार

– सेवा मित्र पोर्टल से 3839 को निजी क्षेत्र में सेवा का मौका मिला

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