मुख्तार अंसारी का आर्थिक साम्राज्य तबाह करने में जुटी ईडी-आयकर विभाग की टीम, अब दिल्ली और पंजाब में होगा एक्शन

आयकर विभाग मुख्तार के अवैध तरीके से खड़े आर्थिक साम्राज्य को तबाह करने के लिए ऑपरेशन पैंथर चला रही है. टीम को गहन जांच पड़ताल के बाद 23 संपत्तियों की जानकारी मिली थी, जिन्हें जब्त किया जा रहा है. आयकर विभाग के साथ प्रवर्तन निदेशालय भी अपनी जांच पड़ताल में जुटा है.

Mukhtar Ansari News: उत्तर प्रदेश में माफिया मुख्तार अंसारी एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार वह अपनी बेनामी सम्पत्तियों के कारण जांच एजेंसियों के निशाने पर है. मुख्तार अंसारी ने अपनी ताकत और रसूख के दम पर उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में अकूत बेनामी सम्पत्ति खड़ी की. इसके लिए कहीं लोगों को धमकी देकर उनकी जमीनों पर कब्जा किया गया तो कहीं अपने करीबी लोगों के नाम पर करोड़ों की जमीन कौड़ियों के भाव में खरीदी. मुख्तार अंसारी की बेनामी संपत्तियों की जांच पड़ताल में कई अहम खुलासे हुए हैं. लखनऊ में आयकर विभाग की टीम ने बीते दिनों डालीबाग में ऐसी संपत्ति की है. वहीं अब अन्य राज्यों में भी इस तरह की कई प्रापर्टी का पता चला है. इन पर भी शिकंजा कसने का प्लान तैयार कर लिया गया है.

ऑपरेशन पैंथर के जरिए आयकर विभाग ले रहा एक्शन

आयकर विभाग मुख्तार के अवैध तरीके से खड़े आर्थिक साम्राज्य को तबाह करने के लिए ऑपरेशन पैंथर चला रही है. टीम को गहन जांच पड़ताल के बाद 23 संपत्तियों की जानकारी मिली थी, जिन्हें लखनऊ से लेकर गाजीपुर तक जब्त किया जा रहा है. डालीबाग के जिस प्लाट को आयकर विभाग ने जब्त किया है वह पहले मुख्तार की पत्नी अफ्शां के नाम पर था. बाद में इसे रियल एस्टेट कारोबारी गणेश दत्त मिश्रा के नाम कर दिया गया था. इसके बाद गणेश मिश्रा ने इसे मुख्तार की करीबी महिला रिश्तेदार के नाम पर स्थानांतरित कर दिया था.

Also Read: यूपी में आउटसोर्सिंग कर्मियों का मेरिट पर होगा चयन, इंटरव्यू खत्म करने की तैयारी, जानें नई नीति की अहम बातें

इसी प्रकार कई संपतियों को मुख्तार ने अपनी काली कमाई से खरीद कर उन्हें गणेश मिश्रा के नाम पर स्थानांतरित करवाया था. बाद में गणेश मिश्रा ने उन्हें किसी दूसरे के नाम पर कर दिया. इन संपत्तियों की खरीद व बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है. ऑपरेशन पैंथर के तहत दो और संपत्तियों को जल्द जब्त किया जा सकता है. आयकर विभाग की टीम ने इसकी तैयारी कर ली है.

दो राज्यों में मुख्तार से जुड़ी 24 से ज्यादा संपत्तियों का खुलासा

खास बात है कि मुख्तार अंसारी के खिलाफ कई जांच एंजेंसी काम कर रही हैं. आयकर विभाग के साथ प्रवर्तन निदेशालय भी अपनी जांच पड़ताल में जुटा है. ईडी की टीम मुख्तार अंसारी की पंजाब और दिल्ली की संपत्तियों पर कानूनी शिकंजा कसने जा रही है. बताया जा रहा है कि ईडी को इन दो राज्यों में मुख्तार और उसके लोगों से जुड़ी 24 से ज्यादा संपत्तियों का पता लगा है.

कानूनी मामलों में फंसने से बचने के लिए दूसरों के नाम खरीदी प्रापर्टी

जांच में सामने आया है कि मुख्तार ने अपने करीबी जितेंद्र सापरा के नाम से दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी में तमाम संपत्तियों को खरीदा है. जितेंद्र सापरा के जरिए मुख्तार ने अपनी काली कमाई के करोड़ों रुपए रियल एस्टेट में निवेश किये थे. इसी तरह विकास कंस्ट्रक्शन के नाम पर भी उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में कई जमीन खरीदी गई. ईडी उरई और जालौन में 3.50 करोड़ कीमत की संपत्तियों को कुछ समय पहले जब्त कर चुकी है. हालांकि कहा जा रहा है कि मुख्तार अंसारी से संबंधित अभी भी कई ऐसी अकूत संपत्तियां हैं, जिनका जांच एजेंसियों का पता लगाना बाकी है. मुख्तार ने जरायम की दुनिया में अपने नाम की बदौलत बड़ा आर्थिक साम्राज्य खड़ा किया, उसने अपने करीबी लोगों के नाम से प्रापर्टी खरीदी, जिससे वह कानूनी मामलों में न फंस सके.

गैंगस्टर मामले में जमानत हो चुकी है मंजूर, पत्नी अब तक फरार

मुख्तार अंसारी इस समय बांदा जेल में बंद है. बीते दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट से उसे राहत मिली है. हाईकोर्ट ने गैंगस्टर मामले में उसकी जमानत मंजूर करने के साथ जुर्माने पर भी रोक लगाई है. हालांकि दस साल सजा पर रोक लगाए जाने की मुख्तार अंसारी की अपील को हाईकोर्ट ने नहीं माना. सजा के खिलाफ दाखिल अपील पर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है. गाजीपुर की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने 29 अप्रैल को गैंगस्टर मामले में मुख्तार अंसारी को सजा सुनाई थी. मुख्तार अंसारी 12 साल 4 महीने से जेल में बंद हैं. वहीं उसकी पत्नी आफ्शा अंसारी भी कानून की नजरों में मुजरिम है. उस पर 50 हजार का इनाम घोषित है. पुलिस काफी कोशिशों के बाद भी आफ्शा अंसारी का सुराग नहीं तलाश सकी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sanjay Singh

working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >