Bengal Election 2026, रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 18, 19 और 20 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे. मुख्यमंत्री के दौरे की शुरुआत 18 अप्रैल को पुरुलिया जिले से होगी, जहां वे काशीपुर समेत तीन अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे. वे रांची से हेलीकॉप्टर के जरिए रवाना होंगे और शाम तक वापस लौटेंगे. फिर अगले दो दिनों तक उनका दौरा बांकुड़ा, मिदनापुर और झाड़ग्राम जैसे जिलों में भी प्रस्तावित है.
बिना प्रत्याशी उतारे TMC को दिया समर्थन
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने रणनीतिक रूप से इस बार बंगाल चुनाव में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं. पार्टी ने पहले ही ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की थी. झामुमो महासचिव विनोद पांडेय के अनुसार, मुख्यमंत्री और पार्टी की स्टार प्रचारक कल्पना सोरेन भी इस अभियान में शामिल होकर टीएमसी उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाएंगी. पार्टी का मानना है कि आदिवासी बहुल इलाकों में झामुमो की पकड़ का फायदा सीधे तौर पर टीएमसी को मिलेगा.
क्षेत्रीय दलों की एकजुटता और ‘सीमावर्ती’ प्रभाव
हेमंत सोरेन का यह दौरा राजनीतिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पश्चिम बंगाल के पुरुलिया और झाड़ग्राम जैसे जिले झारखंड की सीमा से सटे हैं, जहां संथाली और अन्य आदिवासी समुदायों की अच्छी संख्या है. यहां झामुमो का पारंपरिक प्रभाव रहा है. ऐसे में हेमंत सोरेन का प्रचार करना न केवल मतों के ध्रुवीकरण में सहायक होगा, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ क्षेत्रीय दलों की एकजुटता का एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी है.
अंतिम चरण की ओर चुनावी जंग
बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से ठीक पहले हेमंत सोरेन का यह दौरा टीएमसी के लिए ‘बूस्टर’ साबित हो सकता है. झामुमो नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि वे पूरी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में डटे रहेंगे ताकि “विभाजनकारी शक्तियों” को रोका जा सके. पुरुलिया की जनसभाओं के बाद 19 और 20 अप्रैल के कार्यक्रमों के लिए पार्टी ने विशेष तैयारी की है.
