Ranchi Crime News, रांची (जितेंद्र कुमार की रिपोर्ट): रांची के अनगड़ा क्षेत्र (टाटीसिलवे थाना) से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. यहां अपने ननिहाल में रह रही एक 13 वर्षीय अनाथ बच्ची के साथ पड़ोस के ही अर्जुन मुंडा (21 वर्ष) ने डरा-धमका कर कई बार दुष्कर्म किया. जब बच्ची गर्भवती हुई, तो इंसाफ दिलाने के बजाय उसके मामा-मामी ने सामाजिक बदनामी के डर से पंचायत बुलाकर मामले को दबा दिया.
अवैध प्रसव और नवजात की मौत के बाद बेघर
अमानवीयता की हद तब हो गई जब परिजनों ने घर पर ही बच्ची का अवैध प्रसव कराया. चिकित्सकीय सहायता न मिलने के कारण नवजात की मौत हो गई. इसके बाद परिजनों ने सहारा देने के बजाय उस मासूम को घर से बाहर निकाल दिया. दर-दर भटक रही बच्ची की सूचना पैरा लीगल वालंटियर्स (PLV) के माध्यम से डालसा (DALSA) रांची तक पहुंची.
डालसा की त्वरित कार्रवाई और रेस्क्यू
झालसा (JHALSA) के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजित नारायण प्रसाद और डालसा अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा-1 के निर्देश पर डालसा सचिव राकेश रोशन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. डालसा ने न सिर्फ बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लिया, बल्कि हेडक्वार्टर डीएसपी-2 और थाना प्रभारी से तालमेल कर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराई. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अर्जुन मुंडा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
अब कस्तूरबा स्कूल में संवरेगा भविष्य
रेस्क्यू के बाद बच्ची को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया. काउंसलिंग के दौरान बच्ची ने आगे बढ़ने और पढ़ने की इच्छा जताई. डालसा ने उसकी सकारात्मक सोच को देखते हुए उसका नामांकन ‘कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय’ में कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अब उसे सुरक्षित माहौल में बेहतर शिक्षा मिल सकेगी. इस कार्रवाई ने न्याय व्यवस्था पर आम लोगों का भरोसा और मजबूत किया है.
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