24 को घोषित अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन स्थगित
12 सूत्री मांग को लेकर गुरुवार देर शाम तक बिहार कोलियरी कामगार यूनियन और एनके प्रबंधन के बीच हुई वार्ता के बाद यूनियन ने प्रबंधन को और 15 दिनों का समय दिया है.
प्रतिनिधि,
डकरा.
12 सूत्री मांग को लेकर गुरुवार देर शाम तक बिहार कोलियरी कामगार यूनियन और एनके प्रबंधन के बीच हुई वार्ता के बाद यूनियन ने प्रबंधन को और 15 दिनों का समय दिया है. 12 सूत्री मांग को लेकर 24 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के आलोक में यूनियन को वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया था. प्रभारी महाप्रबंधक अनुज कुमार की अध्यक्षता में हुई वार्ता में मानव संसाधन विभाग प्रमुख शैलेंद्र कुमार, प्रमोद कुमार सिंह, अनुपम प्रकाश, राहुल ऋषि, शशि प्रभा हंसदा, रानी चौबे, राघवेन्द्र गांधी, दीपक कुमार शामिल हुए वहीं यूनियन की ओर से सीसीएल अध्यक्ष बसंत कुमार, रतिया गंझू, इरफान खान, तौहीद अंसारी, अमर भोक्ता, संतोष मेहता, फारूक नवाब, फिरोज आलम, मनोज गोप, राजा राम, रोहित गंझू, मंजू देवी, सोमरी देवी आदि मौजूद थे. वार्ता के बाद प्रबंधन ने समय मांगा तो श्रमिक संगठन ने 15 दिनों का समय दिया है. कहा है कि इस दौरान काम नहीं हुआ तो आंदोलन तीव्र होगा. खदान भी बंद कराया जायेगा, जिसकी जवाबदेही प्रबंधन की होगी.
झूठ को किया गया बेनकाब :
रतिया गंझू ने बताया कि वार्ता में मंजू देवी के साथ पत्राचार करने वाले अधिकारी के झूठ को बेनकाब किया गया. प्रभारी महाप्रबंधक को बताया गया कि किस तरह अधिकारी झूठ के सहारे अपने नाकामयाबी को छुपाने में लगे हैं. 2021 में पति की मृत्यु के बाद आज तक मंजू देवी को ग्रेच्यूटी सीएमपीएफ, पेंशन, इबीआरएफ सहित अन्य सुविधाओं से वंचित रखा गया है. यूनियन ने जब आंदोलन की तिथि तय कर दी तो मंजू देवी से दस्तावेज मांगे गये और अपने बचाव में लिखा गया कि पहले भी आपसे दस्तावेज मांगे गये थे. वार्ता में जब इसका प्रमाण मांगा गया तो झूठ बेनकाब हो गया. उन्होंने अपील की है कि अधिकारी समय पर मजदूरों का वाजिब हक-अधिकार का काम शुरू कर दें, नहीं तो ऐसे लोगो को कानूनी कटघरे में खड़ा किया जायेगा.
प्रबंधन को 15 दिनों का दिया गया समय
17 डकरा 03, वार्ता में शामिल हुए लोग.