Fitness Tips: आज की बिजी लाइफस्टाइल में हर किसी के पास जिम जाकर घंटों वर्कआउट करने का समय नहीं होता है. ऐसे में या तो आप सुबह के समय जॉगिंग करने जाते हैं, या फिर साइकिलिंग करके की खुद को थोड़ा फिट और एक्टिव रखने की कोशिश करने लगते हैं. अगर आप इस तरह के सिंपल वर्कऑउट्स को करते हुए भी खुद को और ज्यादा फिट और बेहतर बनाना चाहते हैं, तो आपको अपनी डेली रूटीन में प्लैंक को शामिल करना चाहिए. जब आप हर दिन सिर्फ 5 मिनट प्लैंक करते हैं तो आपके शरीर में इतने बदलाव होने लगते हैं, जिनके बारे में शायद आपने कभी सोचा भी नहीं होगा. इस एक्सरसाइज की सबसे खास बात है कि इसे करने के लिए आपको किसी स्पेशल उपकरण की जरूरत नहीं पड़ती.
प्लैंक क्या है और कैसे किया जाता है?
प्लैंक एक सिंपल एक्सरसाइज है लेकिन जब आप इसे पहली बार करने जाएंगे, तो आपको इसे समझने में थोड़ा समय लग सकता है. इसके लिए आपको अपने शरीर को बिलकुल सीधा रखते हुए केवल अपने कोहनी और पैरों के सहारे पूरे शरीर को मैट पर टिकाकर रखना होता है. आपकी प्लैंक करते समय इस बात का खास ख्याल रखना है कि आपकी गर्दन, पीठ और पैर एक ही सीध में रहे. जब आप प्लैंक करना शुरू करें तो इसे सिर्फ 20 से 30 सेकंड के लिए होल्ड करें. लेकिन धीरे-धीरे इस समय को 5 मिनट तक लेकर जाने की कोशिश करें. रेगुलर प्रैक्टिस से आप से काफी बेहतर तरीके से परफॉर्म करना सीख जाते हैं.
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पेट की चर्बी कम करने में मददगार
जब आप प्लैंक करना शुरू करते हैं तो आपके पेट के मसल्स पर नॉन स्टॉप प्रेशर पड़ता रहता है. इसकी वजह से फैट बर्न करने का जो प्रोसेस होता है वह और भी तेज हो जाता है. रेगुलर इस एक्सरसाइज को करने से आपके एब्स टोंड होते हैं जिससे बाहर निकला हुआ पेट भी अंदर जाने लग जाता है. इसके साथ अगर आप अपनी डाइट सही रखते हैं, तो कुछ ही हफ्तों में यह महसूस करने लगेंगे कि आपके पेट की चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगी है.
शरीर की ताकत बढ़ती है
प्लैंक भले ही सिंपल लगे, लेकिन यह एक फुल बॉडी वर्कआउट है जिसमें एक साथ कई मसल ग्रुप्स काम कर रहे होते हैं. जब आप प्लैंक करते हैं, तो आपके कंधे, पीठ, पेट और पैरों के मसल्स एक्टिव हो जाते हैं. जब आप इसे डेली रूटीन में शामिल करने लगते हैं, तो आपके शरीर की ताकत धीरे-धीर बढ़ने लगती है और आपको इस एक्सरसाइज को करने की आदत भी हो जाती है. प्लैंक आपके स्टैमिना को भी बेहतर बनाने में मदद करता है.
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बैलेंस और पोश्चर में सुधार
आज के समय में हम अपना ज्यादातर समय चेयर पर बैठकर काम करने में बिता देते हैं. इसकी वजह से हमारे शरीर का पूरा पोश्चर बिगड़ जाता है. ऐसे में जब आप प्लैंक करना शुरू कर देते हैं, तो आपके कोर मसल्स स्ट्रॉन्ग बनते हैं जिस वजह से आपके शरीर को बेहतर सपोर्ट मिल पाता है. ऐसा होने की वजह से आपके खड़े होने का और बैठने का तरीका बेहतर होता है और साथ ही शरीर का बैलेंस भी सुधरता है.
कमर दर्द से मिलती है राहत
जब आप लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठकर काम करते रहते हैं, तो एक समय के बाद आपको कमर दर्द की प्रॉब्लम होने लगती है. ऐसे में जब आप प्लैंक करना शुरू कर देते हैं तो आपके बैक मसल्स को मजबूती मिलती है और आपकी रीढ़ की हड्डी को भी बेहतर सपोर्ट मिलता है. प्लैंक को डेली रूटीन में शामिल करने से आपको कमर दर्द की समस्या से छुटकारा मिल सकता और साथ ही आपका शरीर ज्यादा फ्लेक्सिबल भी महसूस होने लगता है.
बढ़ने लगता है मेंटल स्ट्रेंथ
जब आप प्लैंक कर रहे होते हैं तो आपके शरीर को एक ही स्थिति में लंबे समय तक रहना पड़ता है. यह बिलकुल भी आसान नहीं होता है. प्लैंक के सेट को कंप्लीट करने के लिए आपको काफी ज्यादा फोकस और पेशेंस की जरूरत होती है. जब आप रेगुलर बेसिस पर प्लैंक करना शुरू करते हैं, तो आपका मेंटल स्ट्रेंथ बढ़ता है और खुद पर कंट्रोल भी बेहतर होने लगता है. हर दिन 5 मिनट प्लैंक करके आप अपने कॉन्फिडेंस को भी काफी हद तक बढ़ा सकते हैं.
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