लखनऊ /नयी दिल्ली : अगले महीने शुरू हो रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने के वास्ते साइकिल निशान पर अपना दावा पुख्ता करने की कोशिश के तहत अखिलेश यादव गुट ने शनिवार को पार्टी के जन प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों के हस्ताक्षरवाले हलफनामे चुनाव आयोग को सौंपे. रामगोपाल यादव ने देर शाम चुनाव आयोग को दस्तावेज सौंपा. इधर आज सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव अपने भाई शिवपाल के साथ आज दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं.
टीवी रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली रवाना होने के पहले मुलायम अपने भाई शिवपाल के साथ लखनऊ में पार्टी दफ्तर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से कहा कि वे चुनाव की तैयारी करें जिसे टिकट मिला है वह चुनाव लडेगा. खबर है कि कल मुलायम चुनाव आयोग से मिलकर सूबे के मुख्यमंत्री और पुत्र अखिलेश यादव को करारा जवाब दे सकते हैं.
आपको बता दें कि कल तक यानी 9 जनवरी तक चुनाव आयोग ने अखिलेश यादव और सपा चीफ मुलायम सिंह यादव से चुनाव चिह्न और पार्टी को लेकर जवाब देने को कहा है.
असली सपा अखिलेश गुट ?
शनिवार को आयोग से मिलकर अखिलेश गुट ने साइकिल चुनाव चिन्ह पर अपना दावा पेश किया. अखिलेश गुट के 1.5 लाख पन्नों के इन कागजातों में 200 से अधिक विधायकों, 68 विधान परिषद सदस्यों में से 56 विधान परिषद सदस्यों, 24 सांसदों में से 15 सांसदों तथा 5000 प्रतिनिधियों में से अखिलेश समर्थक करीब 4600 प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं. उन्होंने दस्तावेज सौंपने के बाद कहा, 90 फसदी जन प्रतिनिधि एवं प्रतिनिधि अखिलेश यादव के साथ हैं, अतएव यह बिल्कुल साफ है कि हम असली सपा हैं… हमें साइकिल निशान दिया जाना चाहिए और असली सपा समझा जाना चाहिए.
रामगोपाल का दावा
रामगोपाल ने दावा किया कि एक सेट मुलायम सिंह को उनके दिल्ली निवास पर भेजा गया, लेकिन उन्होंने पावती देने से इनकार कर दिया. मुलायम सिंह धड़ा सोमवार को अपने हलफनामों का सेट आयोग को सौंप सकता है. उधर, अमर सिंह व शिवपाल यादव ने मुलायम से मुलाकात की, जबकि आजम खां अब भी सुलह की कोशिश में जुटे हैं.
