लखनऊ : सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने कहा है कि अभी कैसे दागी कह सकते हैं, जब अंतिम निर्णय आ जायेगा तब देखा जायेगा. इस तरह की घटना को चाहे अतीक अहमद ने अंजाम दिया हो या किसी और ने जांच होगी.
गौरतलब है कि SHIATS इंस्टीच्यूट, इलाहबाद के एक जनसंपर्क अधिकारी ने आरोप लगाया है कि अतीक अहमद अपने 50-60 आदमियों के साथ वहां पहुंचे और हमारे कर्मचारियों को पिटना शुरू कर दिया. अतीक अहमद के लोग हथियारों से लैस थे. उन्होंने आरोप लगाया कि हमारे कर्मचारी, अधिकारी और सिक्यूरिटी गार्ड तक पीटे गये और अतीक अहमद उस वक्त यहां बैठे हुए थे. अतीक अहमद और उनके 60 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.
कौन है अतीक अहमद
इलाहाबाद शहर में अतीक अहमद की तूती बोलती है. वे एक ऐसे राजनेता के रूप में जाने जाते हैं, जो किसी जमाने में डॉन रहे थे, लेकिन अभी तक उस छवि से बाहर नहीं निकल पाये हैं. वे फूलपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद भी रहे हैं. अतीक अहमद का जन्म 10 अगस्त 1962 को हुआ था. मूलत वह उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले के रहने वाले हैं. अतीक अहमद के खिलाफ पहला मामला तब दर्ज हुआ था जब वे 17 साल के थे और यह मामला हत्या का था. सपा के शासन में अतीक अहमद का कहर जारी था, लेकिन मायावती ने उनपर नकेल कसी. यूपी चुनाव से पहले ऐसी चर्चा है कि सपा उन्हें टिकट दे सकती है, हालांकि अखिलेश से जब इस संबंध में सवाल पूछा गया, तो वे सवाल को टाल गये.
