रीता बहुगुणा जोशी भाजपा में हुईं शामिल, राहुल गांधी पर उठाये सवाल, मोदी-शाह को सराहा

नयी दिल्ली : वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व यूपी कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशीनेआजअमितशाह की उपस्थितिमें भारतीयजनता पार्टी में शामिल हो गयीं. वे वर्तमान में लखनऊ कैंट से विधायकहैंऔर शीला दीक्षित कोमुख्यमंत्रीउम्मीदवार घोषित किये जाने के बाद से पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रही थीं.रीता ने भाजपा में शामिल होने के साथ विधायक पद से […]

नयी दिल्ली : वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व यूपी कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशीनेआजअमितशाह की उपस्थितिमें भारतीयजनता पार्टी में शामिल हो गयीं. वे वर्तमान में लखनऊ कैंट से विधायकहैंऔर शीला दीक्षित कोमुख्यमंत्रीउम्मीदवार घोषित किये जाने के बाद से पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रही थीं.रीता ने भाजपा में शामिल होने के साथ विधायक पद से त्यागपत्र देने का भी एलान कर दिया. रीताबहुगुणाजोशी ने भाजपामें शामिल होने के साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधाऔर कहा कि वे पार्टी का नेतृत्वकरनेमें विफल रहे,उन्होंने कहा सोनिया गांधीउनलोगों की बातें सुना करती थीं. रीता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आस्था जताते हुए सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि वे सोच-समझ कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो रही हैं.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले यह खबर कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है. रीता के भाजपा में शामिल होने की खबरों के बीच कांग्रेस ने उन्हें मनाने की पूरी कोशिश की लेकिन सारी कोशिशें नाकाम रहीं. रीता बहुगुणा जोशी के भाई व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भी कुछ माह पूर्व भाजपा में शामिल हो गये थे. दो दिन पूर्व उन्होंने बयान दिया था कि वे अपनी बहन को समझायेंगे कि कांग्रेस छोड़ दें, वहां कोई भविष्य नहीं है.

कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने यूपी में ब्राह्मण वोटों पर फोकस करने के लिए दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को यूपी के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया. रीता बहुगुणा भी ब्राह्मण हैं और पार्टी की प्रमुख चेहरों में थीं वे मुश्किल दिनों में कांग्रेस की प्रदेश इकाई की कमान संभाले हुए थीं. उनके भाजपा में आने से ब्राह्मण वोटों का भाजपा को लाभ होने की उम्मीद है.

यूपी में कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर हैं लेकिन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने यूपी चुनाव की कमान अपने हाथ में थाम रखी है. पिछले दिनों हुई किसान यात्रा में रीता बहुगुणा जोशी भी शामिल हुई थी. उस वक्त अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि रीता भाजपा का दामन थामेंगी लेकिन 22 सितंबर के बाद उन्होंने सोशल मीडिया या किसी बड़े मंच पर पार्टी के पक्ष में खुलकर बात नहीं की उलटे उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के उस बयान पर आपत्ति जतायी थी जिसमें राहुल ने नरेंद्र मोदी पर शहीदों की खून की दलाली का आरोप लगाया था.

रीता नेतबट्विटरपर कहा था कि हमें शहीदों का सम्मान करना चाहिए. कांग्रेस से अनदेखी के बाद रीता ने भाजपा का हाथ थामा है. भारतीय जनता पार्टी ने अबतक मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. ऐसे में रीता अब भाजपा के यूपी में मुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों की दौड़ मे शामिल मानी जा सकती हैं. रीता के भाजपा में जाने की खबर पर कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह ने उसे अफवाह बताया था. उन्होंने कहा था कि मैं रीता बहुगुणा जोशी पर कोई कमेंट नहीं करना चाहता हूं. हम जो सुन रहे हैं वो अफवाह हैं.

रीता बहुगुणा जोशी 2007-2012 तक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर भी रह चुकी हैं. यूपी में उन्होंने जनता से जुड़े अनेक मुद्दों पर सड़क पर संघर्ष किया लेकिन उन्हें इसका फायदा नहीं मिला.

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