सपा से गठबंधन नहीं टूटा, राजनीतिक मजबूरी के कारण अकेले चुनाव लड़ेंगे, भविष्य में साथ आने की उम्मीद : मायावती

नयी दिल्ली : सपा-बसपा गठबंधन टूटने के कयासों के बीच आज बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हमारा गठबंधन बना हुआ है, हमने गठबंधन तोड़ने का निर्णय नहीं किया है. अखिलेश यादव और डिंपल यादव मेरी बहुत इज्जत करते हैं जिसके कारण भी मैं अपनी तरफ से उनसे रिश्ता तोड़ने का फैसला […]

नयी दिल्ली : सपा-बसपा गठबंधन टूटने के कयासों के बीच आज बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हमारा गठबंधन बना हुआ है, हमने गठबंधन तोड़ने का निर्णय नहीं किया है. अखिलेश यादव और डिंपल यादव मेरी बहुत इज्जत करते हैं जिसके कारण भी मैं अपनी तरफ से उनसे रिश्ता तोड़ने का फैसला नहीं करूंगी, लेकिन कुछ राजनीतिक विवशताएं भी होती हैं, जिससे इनकार नहीं किया जा सकता है. यही कारण है कि बसपा ने प्रदेश का उपचुनाव अकेले ही लड़ने का फैसला किया है.

मायावती ने बताया कि बसपा की कल आयोजित समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि इस बार के लोकसभा चुनाव में सपा के कैडर वोटर ने भी पार्टी का साथ नहीं दिया. यहां तक कि यादव वोट भी गठबंधन को नहीं मिला, जिसके कारण कि सपा परिवार के लोग भी चुनाव हार गये. उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख अगर अपनी पार्टी को और अपने कैडर को एकजुट कर पायेंगे तो हम भविष्य में भी एक साथ चुनाव लड़ेंगे. लेकिन राजनीतिक मजबूरी के कारण अभी हम उत्तर प्रदेश के 11 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव में अकेले चुनाव लड़ेंगे.

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