थम नहीं रहा योगी के बयान पर बवाल, NCST के अध्यक्ष ने कहा, हमने लड़ी भगवान राम की लड़ाई
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वह बयान विवादों में है जिसमें उन्होंने हनुमान को वनवासी और दलित बताया. अब इस बयान पर नेशनल कमीशन ऑफ शेड्यूल ट्राइब के चेयरमैन, नंद कुमार साय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. नंद कुमार साय ने एक तरह से योगी के बात का समर्थन करते हुए कहा, वनवासी हम […]
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वह बयान विवादों में है जिसमें उन्होंने हनुमान को वनवासी और दलित बताया. अब इस बयान पर नेशनल कमीशन ऑफ शेड्यूल ट्राइब के चेयरमैन, नंद कुमार साय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.
नंद कुमार साय ने एक तरह से योगी के बात का समर्थन करते हुए कहा, वनवासी हम भी हैं और इसलिए मैं बता दूं कि लोग यह समझते हैं कि राम की सेना में वानर, भालू, गिद्ध थे. इस पर शोध करेंगे तो पायेंगे हमारी जनजाति में है. उरांव जनजाति में तिग्गा वानर है. जिस समाज से मैं हूं वानर गोत्र है.कई लोगों का गोत्र गिद्ध है. आप मानेंगे कि जंगलों में हमारे लोग रहते थे और वही भगवान राम के साथ बड़ी लड़ाई में शामिल हुए थे.
योगी के बयान पर नेशनल कमीशन ऑफ शिड्यूल ट्राइब ने समर्थन किया है तो दूसरी तरफ विरोध करने वालों की संख्या भी कम नहीं है. योगी के बयान से संत सामाज के कुछ लोग भी नाराज हैं.
पीठाधीश्वर शारदा द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने पाप कर्म किया है. बजरंगबली कैसे दलित समुदाय से ताल्लुक रखते थे अब यह मुख्यमंत्री बताने का कष्ट करें. योगी ने यह कहकर पाप किया है. आगे शंकराचार्य ने कहा कि भगवान को दलित कहना यह स्वयं में एक अपराध के साथ-साथ पाप है, क्योंकि हमारे यहां दलित नाम का कोई शब्द नहीं था. दलित उस शख्स के साथ जोड़ा जाता है जिसके साथ कभी अत्याचार हुआ हो, जो अत्याचार से पीड़ित हो.
विरोध सिर्फ संत समाज तक सीमित नहीं है राजनीतिक तौर पर विरोधी योगी को घेरने का यह मौका नहीं छोड़ना चाहते. योगी के बयान की कांग्रेस ने भी आलोचना की है. कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा अभी तक इंसान को बांट रही थी, लेकिन अब वह भगवान को भी जाति में बांटने के काम में लग गयी है. दूसरी तरफ राजस्थान के एक संगठन सर्व ब्राह्मण समाज ने योगी को नोटिस भेजा है और उनसे बयान को लेकर माफी मांगने को कहा है.