लखनऊ : देश का सबसे बड़ा सूबा उत्तरप्रदेश पिछले कई दिनों से टोटी पॉलिटिक्स में उलझा हुआ है. इस प्रदेश की आबादी 22 करोड़ से अधिक है और यह दुनिया के ज्यादातर देशों से भी अधिक है. इनदिनों यहां टोटी व सरकारी बंगले को नुकसान पहुंचाने का मामला इस कदर गरमाया हुआ है कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्ष समाजवादी पार्टी एक-दूसरे पर हर वार पर प्रतिवार करने से नहीं चुक रहे हैं. मंगलवार को राज्यपाल राम नाईक द्वारा इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर जांच कराने को कहने के बाद आज पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हाथ में टोटी लेकर मीडिया से मुखातिब हुए. अखिलेश ने इस दौरान कहा कि मैं टोटी लेकर आया हूं, अगर सरकार को यह लगे कि टोटी मैं लेकर चला गया हूं, सरकार जितनी बता दे, मैं पूरे की पूरे टोटी देने को तैयार हूं. उन्होंने कहा कि सरकार गिनती बता दे मैं पूरी की पूरी देने को तैयार हूं.
पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अखिलेश यादव द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से प्राप्त सरकारी बंगला खाली करने के बाद गरमाया है. अखिलेश यादव को चार विक्रमादित्य मार्ग का बंगला आवंटित था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बीते दिनों अखिलेश ने यह बंगला खाली कर दिया. इसके बाद सत्ताधारी पार्टी की ओर से अखिलेश पर बंगले में तोड़-फोड़ करने व उसे नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया, जिस पर समाजवादी पार्टी ने पलटवार किया था. राज्य के दौरे पर निकले अखिलेश ने इस दौरान कहा था कि वे अभी लखनऊ से बाहर हैं और जैसे लौटेंगे बाजार जाकर सबसे अच्छी किस्म की टोटी खरीदेंगे, वे जितनी टोटी बोलेंगे मैं उन्हें खरीद कर दे दूंगा.
अखिलेश यादव ने आज कहा कि बंगले में लकड़ी का फर्श व अन्य चीजें उसी तरह हैं. उन्होंने कहा घर के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त दिखाने के लिए फोटोग्राफ में हेरफेर किया गया ताकि उसे बुरे ढंग से प्रदर्शित किया जाये. अखिलेश यादव ने कहा कि लोग प्यार में अंधे होते होंगे पर जलन और नफरत में अंधे होते हैं यह मैंने देखा है.
अखिलेश यादव ने स्वीमिंग पुल बनवाने के विवाद पर प्रहार किया. उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल में 1000 बच्चे आएंगे जन्मदिन मनाने उनमें से किसी को स्वीमिंग पुल नहीं दिखा, इन्हें दिख रहा है. उन्होंने कहा कि ये गोरखपुर, फूलपुर की हार स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं.
अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने बंगले में अपने पैसे से लाइट लगवायी थी, वह समाजवादी लाइट है. उन्होंने कहा कि उन्होंने मंदिर भी खुद बनवाया, उसमें देवी-देवता की प्रतिमा लगवायी, जिसे इन्होंने गंगा जल से नहलाया. अखिलेश ने कहा कि अगर नहीं तो कोई सरकारी अधिकारी इसका बिल दे दे.
वहीं, उत्तरप्रदेश सरकार के प्रवक्ता व राज्य सरकार के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने अखिलेश के हमलों पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर उन्होंने बंगले में इतना काम कराया तो इनकम टैक्स विभाग को इसकी जांच करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आयकर विभाग वालों को इसे देखना चाहिए या फिर अखिलेश यादव की बिल सम्मिट कर दें और बता दें कि ये पैसे उन्होंने कहा से लाये.
