त्रिपुरा में मिली जीत का योगी कनेक्शन, सात जगह प्रचार, पांच में बढ़त
अगरतला/ लखनऊ : त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को अप्रत्याशित बढ़त मिली है. इस जीत में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की भी भूमिका है ऐसा जानकार मान रहे हैं. योगी ने त्रिपुरा के सात विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार किया था. सात जगहों में से भारतीय जनता पार्टी पांच जगहों में बढ़त […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
अगरतला/ लखनऊ : त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को अप्रत्याशित बढ़त मिली है. इस जीत में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की भी भूमिका है ऐसा जानकार मान रहे हैं. योगी ने त्रिपुरा के सात विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार किया था. सात जगहों में से भारतीय जनता पार्टी पांच जगहों में बढ़त बनाये हुए है. भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह रणनीति बनाने में माहिर हैं. उन्होंने त्रिपुरा चुनाव में हर एक उस चेहरे को इस्तेमाल किया जिससे जीत की संभावना को बल मिल सकता था.. चुनावी रुझान में भाजपा आगे है अभी से जश्न शुरू है.
क्यों मैदान में उतरे थे योगी
भाजपा ने चुनाव प्रचार में जीत के लिए उस हर एक पहलू पर जोर दिया जिससे जीत पक्की हो सके. योगी को वोटबैंक की राजनीति पर चोट करने के लिए भेजा गया . अगरतला में नाथ संप्रदाय के लोगों को अपने पक्ष में करने के लिए योगी पहुंचे थे. यहां भारी संख्या में नाथ संप्रदाय के लोग हैं. गोरक्षनाथ पीठ नाथ संप्रदाय से जुड़े लोगों का मुख्य पीठ है और योगी यहां के महंत हैं. पार्टी जानती थी कि इस चुनाव में प्रचार के लिए योगी का उतरना कितना फायदेमंद हो सकता है.
चुनावी वोटबैंक और मुद्दे
त्रिपुरा में लगभग 35 फीसद बंगाली नाथ समुदाय के लोग हैं. गोरखपुर में गोरक्षनाथ मंदिर भी इसी समुदाय का है. केंद्र में नाथ संप्रदाय को ओबीसी श्रेणी में रखा गया है लेकिन त्रिपुरा में यह सामान्य श्रेणी में इनकी गिनती होती है. पार्टी ने इस चुनाव में ऐसे मुद्दों को भी जमकर भुनाया है.
तेजी से बढ़ रहा है योगी का कद
गुजरात विधानसभा चुनाव में भी योगी को स्टार प्रचारक के तौर पर उतारा गया था. सूत्रों की मानें तो वहां के नेताओं ने योगी से जनसभा करने का आग्रह किया था. पार्टी के पास भी नेताओं की यह मांग बार- बार आ रही थी. कर्नाटक की जनसभा में भी उनके समर्थक बड़े ध्यान से उन्हें सुनते हैं. योगी की छवि एक ईमानदार और कठोर फैसला लेने में सक्षम व्यक्ति की है. योगी के साथ अलग- अलग संप्रदाय के लोग जुड़ाव महसूस करते हैं . यही कारण है कि योगी की छवि और मजबूत हो रही है. त्रिपुरा में अगर भाजपा सरकार बनाती है तो उनकी इस छवि को और मजबूती मिलेगी .