गोरखपुर त्रासदी पर उठ रहे कई सवाल

लखनऊ : बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में 63 बच्चों की मौत के बाद कई सवाल उठने शुरू हो गये हैं. इसके साथ हीअस्पताल प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गया है. अगर कंपनी का दावा सही है कि कंपनी की ओर से अस्पताल प्रशासन को पत्र भेज कर सूचना दी गयी थी. साथ […]

लखनऊ : बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में 63 बच्चों की मौत के बाद कई सवाल उठने शुरू हो गये हैं. इसके साथ हीअस्पताल प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गया है. अगर कंपनी का दावा सही है कि कंपनी की ओर से अस्पताल प्रशासन को पत्र भेज कर सूचना दी गयी थी. साथ ही अस्पताल प्रबंधन ने गोरखपुर के जिलाधिकारी और डीजीएमई को सूचना दे दी थी. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि अस्पताल प्रबंधन बकाये के भुगतान की गुहार और ऑक्सीजन सप्लाई रोकने की चेतावनी को गंभीरता से क्यों नहीं लिया? अगर कंपनी की ओर से ऑक्सीजन की सप्लाई रोक दी गयी, तो उसके बाद कंपनी पर क्या कार्रवाई की गयी? जरूरी कदम क्यों नहीं उठाये गये? जिलाधिकारी को भी सूचना दिये जाने के बाद प्रशासन हरकत में क्यों नहीं आया? क्या स्वास्थ्य मंत्रालय को ऑक्सीजन सप्लाई रोक देने की जानकारी दी गयी थी. अगर नहीं, तो क्यों? अस्पतालों में इस तरह की जरूरी उपलब्धताओं पर स्वास्थ्य मंत्रालय की नजर क्यों नहीं गयी? घटना से पहले नौ अगस्त को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी बीआरडी मेडिकल कॉलेज के दौरे पर भी गये थे. उससमय मुख्यमंत्री को इस संबंध में क्यों नहीं बताया गया? जबकि, बच्चों की मौत का सिलसिला सात अगस्त से ही शुरू हो गया था.

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