Uttar Pradesh News: लखनऊ में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झड़प, हालात नियंत्रण में

uttar pradesh news: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक इलाके में रविवार शाम अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन दल पर पथराव किया. जिसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई. लोगों को नियंत्रण करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. तनावपूर्ण स्थिति तब बन गई, जब बिल्डिंग का स्लैब पास में एक झोपड़ी से टकरा गया. जिसके बाद पथराव की अफवाह फैला दी गई.

Uttar Pradesh News: अकबरनगर में अतिक्रमण विरोधी अभियान पर डीसीपी सेंट्रल रवीना त्यागी ने कहा, अकबरनगर में न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही थी, उसी दौरान एक बिल्डिंग का स्लैब पास में एक झोपड़ी से टकरा गया. कुछ लोगों ने झूठी अफवाह फैलाई, पथराव हुआ. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया. कोई घायल नहीं हुआ है. कोई पुलिसकर्मी भी घायल नहीं हुआ है. किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है.

स्थानीय लोगों ने मकान क्षतिग्रस्त होने का लगाया आरोप

लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया, कुछ स्थानीय लोगों ने कहा कि मलबे के कारण उनके मकान क्षतिग्रस्त हो गये. उनमें से सात लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर आवंटित किए गए थे.

कोर्ट के आदेश के बाद चलाया जा रहा था अभियान

लखनऊ के अकबर नगर में रहने वाले लगभग 74 बीपीएल कार्ड धारकों ने हाई कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की थी, जिसमें विकास प्राधिकरण के तोड़-फोड़ अभियान पर रोक लगाने की मांग की गयी थी. अकबर नगर में कुकरैल नाले के किनारे कथित रूप से सरकारी जमीन पर झुग्गी बस्ती का निर्माण किया गया इसीलिए यह अभियान चलाया जा रहा है. इस बस्ती में करीब 1400 घर हैं.

हाई कोर्ट ने 31 मार्च तक अवैध बस्ती को हटाने का दिया आदेश

एलडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि हाई कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक तोड़फोड़ की यह कार्यवाही मकानों के लिए नहीं बल्कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर की जा रही है. हाई कोर्ट ने पिछले सप्ताह एक आदेश में अकबर नगर में सरकारी जमीन पर निर्मित बस्ती के सभी निवासियों को 31 मार्च या उससे पहले विवादित परिसर खाली करने का आदेश दिया था.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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