UP News: मुरादाबाद के ग्रामीण इलाकों में तेंदुए की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है. जिले के कई गांवों में तेंदुए की मौजूदगी और हमलों की घटनाओं के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है. मलूकपुर सेमली समेत आसपास के गांवों में लोग अकेले खेतों की तरफ जाने से बच रहे हैं. बच्चों को भी अकेले घर से बाहर भेजने में परिजन डर रहे हैं. अब तक पांच तेंदुए पकड़े जा चुके हैं, लेकिन कई इलाकों में अभी भी वन विभाग की तलाश जारी है.
मलूकपुर सेमली में भी कायम है डर
न्यूज टीम जब मलूकपुर सेमली गांव पहुंची तो वहां तेंदुए की दहशत साफ दिखाई दी. गांव में एक तेंदुआ पकड़ा जा चुका है, इसके बावजूद ग्रामीण खेतों की ओर जाने से घबरा रहे हैं. लोगों का कहना है कि खेतों और आबादी के आसपास तेंदुए की गतिविधियां दिखाई देने के कारण खतरा अभी टला नहीं है. वन विभाग ने ग्रामीणों से अकेले बाहर न निकलने की अपील की है. जरूरत पड़ने पर लोगों को समूह में जाने की सलाह दी गई है.
थर्मल ड्रोन से रात में निगरानी
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमें दिन रात सर्च ऑपरेशन चला रही हैं. मलूकपुर सेमली में थर्मल ड्रोन की मदद से अंधेरे में भी खेतों और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है. सर्च टीमों के सदस्य राइफल, ट्रैंक्विलाइजर गन, लाठी और सुरक्षा जैकेट के साथ तैनात हैं. अलग अलग गांवों में कुल 16 ट्रैप केज लगाए गए हैं. साथ ही ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए गांवों में चौपाल और अनाउंसमेंट भी किए जा रहे हैं.
गन्ने के खेतों में तेंदुए की तलाश चुनौती
डीएफओ विनय कुमार सिंह के मुताबिक तेंदुए को पकड़ने के साथ ग्रामीणों को सुरक्षित रखना भी अभियान का अहम हिस्सा है. अधिकारियों के अनुसार अब तक सामने आई घटनाओं में अकेले लोगों पर हमले की जानकारी मिली है. इसी वजह से लोगों को अकेले बाहर जाने से रोका जा रहा है. गन्ने के घने खेतों में तेंदुए को तलाशना वन विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. टीमें पगमार्क के जरिए तेंदुए के मूवमेंट का पता लगाने में जुटी हैं.
हमले के बाद लालापुर में दहशत
लालापुर पीपलसाना गांव में तेंदुए के हमले की घटना के बाद ग्रामीणों में डर और गहरा गया है. गांव की रहने वाली संतोष देवी पर तेंदुए ने हमला किया था. जिस इलाके में यह घटना हुई, वहां तेंदुए के पैरों के निशान मिलने की बात भी सामने आई है. सुरक्षा के मद्देनजर इस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि सुबह और शाम के समय तेंदुए के निकलने का खतरा सबसे ज्यादा महसूस होता है.
बच्चों से लेकर किसानों तक हर कोई सहमा
तेंदुए के आतंक का असर ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है. वन विभाग की टीम खुली जीप से गांवों में अनाउंसमेंट कर लोगों को सावधान कर रही है. लोगों से कहा जा रहा है कि खेतों में अकेले काम न करें, बच्चों को अकेले स्कूल न भेजें और रात में टॉर्च लेकर ही जरूरत पड़ने पर बाहर निकलें. कई ग्रामीण पांच से दस लोगों के समूह में खेतों की ओर जा रहे हैं. मुरादाबाद के साथ संभल और बिजनौर में भी तेंदुए की गतिविधियों ने चिंता बढ़ाई है.
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