UP News: लखनऊ में वकील की वेशभूषा का गलत इस्तेमाल कर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वालों पर अब पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी. ऐसे लोगों पर नजर रखने और शिकायतों की जांच के लिए लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने एक विशेष प्रकोष्ठ (स्पेशल सेल) का गठन किया है. इस सेल का मुख्य उद्देश्य उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना है, जो अधिवक्ता की पोशाक का सहारा लेकर लोगों की जमीन और मकान पर अवैध कब्जा करने, धमकाने या अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहते हैं.
हाईकोर्ट के आदेश पर बनाया गया विशेष प्रकोष्ठ
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के निर्देश के बाद पुलिस कमिश्नरेट ने यह कदम उठाया है. पुलिस आयुक्त के आदेश पर संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) को इस विशेष सेल का नोडल अधिकारी बनाया गया है. यह प्रकोष्ठ संयुक्त पुलिस आयुक्त कार्यालय परिसर के कक्ष संख्या-36 में संचालित होगा. यहां आम लोग वकील की आड़ में अपराध करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे.
जारी किया गया हेल्पलाइन नंबर, सीधे कर सकेंगे शिकायत
विशेष प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी उप निरीक्षक रामेश्वर तिवारी को सौंपी गई है. पुलिस ने शिकायत दर्ज कराने के लिए मोबाइल नंबर भी जारी किया है. लोग कक्ष संख्या-36 में पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा उप निरीक्षक रामेश्वर तिवारी के मोबाइल नंबर 9454634500 पर भी संपर्क किया जा सकता है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि थाने स्तर पर शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी. हालांकि, इस विशेष सेल में आने वाली शिकायतों की अलग से निगरानी की जाएगी.
जमीन कब्जे और मारपीट की शिकायतों पर रहेगी नजर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कई बार कुछ लोग अधिवक्ता की पोशाक का इस्तेमाल कर अपनी पहचान का फायदा उठाते हैं और जमीन विवादों में दबाव बनाने या अवैध कब्जे जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं. ऐसे मामलों में अब विशेष सेल शिकायतों की जांच करेगा और जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
जिला अदालत परिसर में बवाल के बाद लिया गया फैसला
स्पेशल सेल के गठन का फैसला 21 जुलाई को कैसरबाग स्थित जिला अदालत परिसर में हुए विवाद के बाद लिया गया. आरोप है कि अधिवक्ताओं की वेशभूषा में पहुंचे कई लोगों ने दयानंद सेवा संस्थान के विवादित परिसर में जबरन प्रवेश किया. इस दौरान कर्मचारियों और मजदूरों के साथ मारपीट, तोड़फोड़ और सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा था. मामला जमीन पर अवैध कब्जे और दिल्ली से आए कुछ वकीलों व उनके मुवक्किलों से जुड़े विवाद से संबंधित बताया गया.
हाईकोर्ट ने जताई थी गंभीर चिंता
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने घटना को गंभीरता से लिया था. अदालत ने संयुक्त पुलिस आयुक्त, डीसीपी सेंट्रल और एसीपी कैसरबाग को तलब कर स्थिति की जानकारी ली थी. इसके बाद अदालत ने पुलिस को ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष प्रकोष्ठ बनाने का निर्देश दिया था.
पुलिस की अपील- बिना डर शिकायत करें लोग
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति वकील की वेशभूषा का गलत इस्तेमाल कर दबाव बना रहा है या किसी अपराध में शामिल है तो इसकी सूचना पुलिस को दें. पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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