कौशांबी: मुठभेड़ में ढेर हुआ कुख्यात बदमाश संतोष उर्फ राजू, एसएचओ और दरोगा बाल-बाल बचे

KAUSHAMBI: कौशाम्बी में पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी संतोष उर्फ राजू मारा गया. वह चार करोड़ की कॉपर वायर लूट और ड्राइवर की हत्या में शामिल था. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे ढेर कर दिया. एसएचओ और दरोगा की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी.

KAUSHAMBI: कौशाम्बी जिले में शनिवार देर रात को एक बड़ी पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी संतोष उर्फ राजू को मार गिराया गया. यह मुठभेड़ कोखराज थाना क्षेत्र के ककोढ़ा हाईवे पर रात करीब 11 बजे हुई, जहां पुलिस और बदमाशों के बीच तीव्र गोलीबारी हुई. इस मुठभेड़ में कोखराज थाना प्रभारी (एसएचओ) चंद्रभूषण मौर्य और एक दरोगा को भी गोली लगी, लेकिन दोनों की जान बुलेटप्रूफ जैकेट के चलते बच गई.

पुलिस के अनुसार, संतोष उर्फ राजू जौनपुर जिले के खेतासराय थाना क्षेत्र के पोरई कला गांव का निवासी था. उस पर आधा दर्जन से अधिक संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, जिनमें कुछ मुंबई में भी चल रहे हैं. वह एक गैंग का सरगना था, जो हाईवे पर कीमती माल लदे ट्रकों और ट्रेलरों की रेकी कर लूटपाट को अंजाम देता था.

चार करोड़ की कॉपर तार लूट के फिराक में था अपराधी

घटना की शुरुआत शुक्रवार को हुई जब राजस्थान के अजमेर जिले के जगपुरा गांव निवासी साबरमल मीणा (40 वर्ष) गुजरात से कॉपर वायर लादकर प्रयागराज के सूबेदारगंज के लिए निकले थे. कॉपर वायर की कीमत लगभग चार करोड़ रुपये बताई जा रही है. कोखराज थाना क्षेत्र में ककोढ़ा हाईवे पर संतोष और उसके गैंग ने एक अर्टिगा कार से ओवरटेक कर ट्रेलर को जबरन रुकवाया. ड्राइवर को पहले धमकाया गया, फिर उसे लालच दिया गया कि वह कॉपर वायर को उनके साथ मिलकर किसी और को बेच दे और बदले में हिस्सा ले.

ट्रक ड्राइवर को मार कर दी थी हत्या

ड्राइवर साबरमल मीणा ने जब यह कहा कि ट्रेलर उसका खुद का है और कॉपर वायर रेलवे की संपत्ति है, तथा वह इस गैरकानूनी काम में शामिल नहीं होगा, तब संतोष ने उसकी पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद शव को झाड़ियों में फेंक कर ट्रेलर को अपने साथियों की मदद से प्रतापगढ़ सीमा तक ले गया और वहीं खड़ा कर दिया.

पुलिस को चकमा देकर पुलिस पर करने लगा फायरिंग

शनिवार रात को खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने संतोष और चार अन्य लोगों को पकड़ लिया, जो उस कॉपर वायर का दो करोड़ रुपये में सौदा कर रहे थे. पूछताछ में संतोष ने हत्या और लूट की बात स्वीकार की. पुलिस उसे घटना में प्रयुक्त पिस्टल बरामद कराने के लिए घटनास्थल पर लेकर गई. वहां पहुंचते ही उसने झाड़ियों में छिपाकर रखी लोडेड पिस्टल से अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें संतोष को सीने में छह गोलियां लगीं. उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मौके से एक पिस्टल भी बरामद की गई है.

एसपी राजेश कुमार ने बताया

एसपी राजेश कुमार ने बताया कि यह गैंग हाईवे पर रेकी करके महंगी धातु लदे वाहनों को निशाना बनाता था. घटना में शामिल दो अन्य बदमाश अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हैं. इस मुठभेड़ से एक बार फिर साबित हो गया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शने के मूड में नहीं है. जनता में भी इस कार्रवाई को लेकर संतोष और विश्वास का माहौल देखने को मिला है.

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Author: Abhishek Singh

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