UP News: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में सोमवार शाम टायर ऑयल फैक्ट्री में अचानक आग लगने से बड़ा हादसा हो गया. गजनेर क्षेत्र के जरिहा गांव के पास स्थित ओम जेवीआरडी फैक्ट्री में लगी आग की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत हो गई. दोनों मजदूर करीब 30 फीट ऊंची टंकी पर काम कर रहे थे. आग की लपटों में घिरने के बाद दोनों नीचे गिर पड़े. पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं.
टंकी पर काम कर रहे थे मजदूर, अचानक भड़की आग
जानकारी के मुताबिक, सोमवार शाम करीब 5:30 बजे फैक्ट्री में मजदूर टायर से ऑयल बनाने की प्रक्रिया से जुड़े काम में जुटे थे. इसी दौरान टंकी में आग भड़क उठी. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. करीब 30 फीट ऊंची टंकी पर मौजूद दो मजदूर आग की चपेट में आ गए और नीचे गिर पड़े. हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई. आग से उठता काला धुआं करीब दो किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था.
छह दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना करीब 5:50 बजे दमकल विभाग को मिली. माती फायर स्टेशन से तीन दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं. आग की गंभीरता को देखते हुए बाद में तीन और दमकल गाड़ियां बुलाई गईं. दमकल कर्मियों ने आग लगी टंकी पर फोम का इस्तेमाल किया और पास की दूसरी तेल टंकी को पानी की बौछार से ठंडा किया. करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका.
चार मजदूर और टैंकर चालक बच निकले
अधिकारियों के अनुसार, हादसे के समय अन्य मजदूरों और टैंकर चालक ने मौके से निकलकर अपनी जान बचाई. घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने फैक्ट्री पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. कानपुर देहात की एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय समेत पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. मृत मजदूरों की पहचान कराने की कोशिश की जा रही है.
बीड़ी से आग लगने की आशंका, जांच जारी
फैक्ट्री मालिक ने पुलिस को बताया कि पहले भी कुछ मजदूरों को स्टोरेज एरिया में बीड़ी ले जाते हुए पकड़ा गया था. मालिक ने आशंका जताई कि सोमवार को भी किसी मजदूर के बीड़ी ले जाने से आग लगी हो सकती है. हालांकि पुलिस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है और आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है.
पांच साल से चल रही थी फैक्ट्री
रिपोर्टों के अनुसार, फैक्ट्री में पुराने टायरों को उच्च तापमान पर प्रोसेस कर ऑयल तैयार किया जाता है. इसके लिए बंद चेंबर और तेल भंडारण टैंकों का इस्तेमाल होता था. फैक्ट्री करीब पांच साल से संचालित होने की जानकारी सामने आई है.
यह भी पढ़ें: लखनऊ में टावर पर चढ़ी आगरा की महिला, CM आवास के पास मचा हड़कंप, पुलिस-दमकल ने सुरक्षित नीचे उतारा
