Lucknow News: उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान द्वारा की गई विस्तृत जांच में राज्य हज समिति की भूमि बिक्री प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय धांधली सामने आई है. लखनऊ के ऐशबाग स्थित 60 हजार वर्गफीट भूखंड को बेचने के दौरान नियमों और शर्तों की खुलेआम अनदेखी की गई. इस अनियमितता के कारण राज्य हज समिति को लगभग 2.08 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है. शासन के कड़े निर्देशों के बाद अब आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है.
तत्कालीन समिति पदाधिकारियों और बिल्डरों की संदिग्ध भूमिका उजागर
सतर्कता जांच रिपोर्ट में राज्य हज समिति के तत्कालीन अध्यक्ष मोहम्मद आजम खान, दो पूर्व सचिवों और निजी डेवलपर्स की साठगांठ की पुष्टि हुई है. आरोप है कि सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए आमिश डेवलपर्स के मालिकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया. समिति की बेशकीमती संपत्ति को औने-पौने दामों में बेचने की साजिश रची गई. जांच एजेंसी ने पाया कि पूरी प्रक्रिया में तय दिशा-निर्देशों को दरकिनार कर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश को अंजाम दिया गया.
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज
शासन की अंतिम स्वीकृति मिलने के उपरांत सतर्कता अधिष्ठान ने आजम खान समेत सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, धोखाधड़ी और साजिश रचने की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. निरीक्षक द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने आधिकारिक विवेचना शुरू कर दी है. जांच दल अब मामले से जुड़े सभी कागजातों, बैनामे के दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन का गहराई से विश्लेषण कर रहा है ताकि अदालत में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें.
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