सपा सांसद अफजाल अंसारी के ख़िलाफ़ फिर दर्ज हुआ मुकदमा, जानें किस मामले में

UP News: गाजीपुर में मुख्तार अंसारी गिरोह से जुड़े शस्त्र लाइसेंसों की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस ने समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी और दो तत्कालीन शस्त्र लिपिकों के खिलाफ FIR दर्ज की है.

UP News: गाजीपुर में मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े शस्त्र लाइसेंसों की जांच ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस जांच में सरकारी रिकॉर्ड से फाइलें गायब मिलने और एक लाइसेंसी रायफल का कोई सुराग न मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं. पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर अफजाल अंसारी समेत दो तत्कालीन शस्त्र लिपिकों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच तेज कर दी है.

145 शस्त्र लाइसेंसों का कराया गया सत्यापन

पुलिस के अनुसार मुख्तार अंसारी गिरोह आईएस-191 से जुड़े लोगों के कुल 145 शस्त्र लाइसेंसों का उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश में सत्यापन कराया गया. जांच के दौरान कई लाइसेंसों और उनसे जुड़ी फाइलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. अधिकारियों का कहना है कि कई रिकॉर्ड अधूरे मिले, जबकि कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब पाए गए.

अफजाल अंसारी की लाइसेंस फाइल भी मिली गायब

जांच में यह भी सामने आया कि सांसद अफजाल अंसारी के शस्त्र लाइसेंस संख्या 1188 P2 की मूल पत्रावली जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से गायब है. इतना ही नहीं, इस लाइसेंस पर खरीदी गई राइफल संख्या 830405 का भी कोई पता नहीं चल सका. पुलिस का कहना है कि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण मामले को गंभीरता से लिया गया है.

दो तत्कालीन शस्त्र लिपिक भी आरोपी

इस मामले में पुलिस ने तत्कालीन प्रथम शस्त्र लिपिक अशफाक अहमद और द्वितीय शस्त्र लिपिक गौरी शंकर राम को भी आरोपी बनाया है. जांच में अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी अभिलेख गायब होने की आशंका जताई गई है.

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

सदर कोतवाली पुलिस ने सांसद अफजाल अंसारी और दोनों तत्कालीन शस्त्र लिपिकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 409 और 120-बी के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 21/25 और 30 के तहत मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस अब पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.

एसपी गाजीपुर ने क्या कहा?

गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. इरज राजा ने बताया कि मुख्तार अंसारी गिरोह से जुड़े शस्त्र लाइसेंसों की जांच के दौरान 145 लाइसेंसों का सत्यापन कराया गया. जांच में कई महत्वपूर्ण पत्रावलियां गायब मिलीं. उन्होंने कहा कि सांसद अफजाल अंसारी के शस्त्र लाइसेंस से संबंधित मूल अभिलेख नहीं मिले और लाइसेंस पर खरीदी गई राइफल का भी कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है. उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.

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Published by: Lucky Kumari

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