UP News: गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस के दिन एक दर्दनाक हादसे ने प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के खतरे को फिर सामने ला दिया. एनएच-9 पर यूपी गेट के पास बाइक से गुजर रहे रवि राज की गर्दन अचानक हवा में लटके मांझे की चपेट में आ गई. धारदार मांझे से उनकी गर्दन बुरी तरह कट गई और चोट हड्डी तक पहुंच गई. हादसे के बाद रवि सड़क पर गिर पड़े. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके.
दोस्त के साथ बाइक से जा रहे थे रवि
रवि राज नोएडा के अकबरपुर बहरामपुर इलाके में रहते थे और ऑनलाइन डिलीवरी का काम करते थे. वह अपने साथी नरेश के साथ मोटरसाइकिल से गाजियाबाद की ओर जा रहे थे. इसी दौरान यूपी गेट से पहले पुल के पास अचानक मांझा उनकी गर्दन में उलझ गया. कुछ ही पल में धारदार डोर ने गहरी चोट पहुंचा दी. रवि को संभालने की कोशिश की गई, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए. अफरा तफरी मच गई.
अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घायल रवि को मैक्स अस्पताल भेजा गया. हालांकि अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद कौशांबी पुलिस ने पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की. एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य के अनुसार, रवि अपने दोस्त नरेश के साथ मोटरसाइकिल से गाजीपुर जा रहे थे. इसी दौरान पतंग की डोर उनकी गर्दन में फंस गई और यह जानलेवा हादसा हो गया.
प्रतिबंध के बावजूद मांझे की बिक्री पर सवाल
रवि की मौत ने प्रतिबंध के बावजूद बाजार में चाइनीज मांझे की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के बावजूद यह खतरनाक मांझा मिल जाता है. इसकी धार दोपहिया वाहन चालकों, राहगीरों और पक्षियों के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है. लोगों ने पुलिस और प्रशासन से बिक्री करने वालों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है. साथ ही त्योहारों और पर्वों पर निगरानी बढ़ाने की अपील की है.
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