UP News: चित्रकूट में बाढ़ का संकट एक बार फिर लौट आया है. दो दिन पहले मंदाकिनी नदी की भीषण बाढ़ से हुई तबाही से लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि रविवार रात हुई तेज बारिश ने हालात फिर बिगाड़ दिए. मंदाकिनी दोबारा उफान पर आ गई और उसका जलस्तर खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर पहुंच गया. स्थिति को देखते हुए यूपी और एमपी प्रशासन ने अलर्ट जारी कर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया.
आठ मीटर से ज्यादा ऊपर पहुंचा था पानी
दो दिन पहले मंदाकिनी नदी ने चित्रकूट में ऐसा रौद्र रूप दिखाया था कि अब तक के सभी रिकॉर्ड टूट गए थे. उस दौरान नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब साढ़े आठ मीटर ऊपर पहुंच गया था. रविवार शाम जब पानी खतरे के निशान से नीचे आया तो लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली. इसके बाद कई लोग अपने डूबे हुए घरों की स्थिति देखने पहुंचे और सफाई का काम शुरू किया.
मलबा हटाने का काम शुरू ही हुआ था कि फिर बढ़ा पानी
लोग घरों से मलबा निकालने और बर्बाद सामान को बाहर करने में जुटे थे. इसी बीच रविवार रात फिर तेज बारिश शुरू हो गई. सुबह तक लगातार बारिश होती रही, जिसका असर मंदाकिनी के जलस्तर पर भी पड़ा. नदी दोबारा उफनने लगी और खतरे के निशान को पार कर गई. प्रशासन ने लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने की हिदायत दी. रामघाट की ओर जाने वाले रास्तों पर आवागमन भी रोक दिया गया. रामघाट के आसपास का इलाका पहले ही बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है. ऐसे में दोबारा बढ़े जलस्तर ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है.
प्रभारी मंत्री और सांसद ने लिया जायजा
बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए चित्रकूट के प्रभारी मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी सोमवार को प्रभावित इलाकों में पहुंचे. उन्होंने मौके पर हालात देखे और बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को शासन के नियमों के मुताबिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. वहीं सांसद कृष्णा देवी पटेल ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. उन्होंने रामघाट पहुंचकर दुकानदारों से मुलाकात की और उनकी परेशानियां जानीं. इसके साथ ही कर्वी स्थित मंदाकिनी पुल के धंसे हुए एप्रोच मार्ग का भी निरीक्षण किया.
सड़कों और गलियों में अब भी जमा है मलबा
दो दिन पहले आई भीषण बाढ़ ने धर्मनगरी चित्रकूट में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी इसका असर शहर की गलियों और सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है. लगातार दो दिन से सफाई अभियान चलने के बावजूद कई जगहों पर अभी भी मलबा जमा है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात बेहद खराब हैं. गलियों में जमा मलबे की वजह से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है. कई लोग घरों के अंदर रहने को मजबूर हैं. यूपी और एमपी के अधिकारी रात-दिन राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं. अलग-अलग इलाकों में टीमें मलबा हटाने और सफाई का काम लगातार कर रही हैं.
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