UP News: चित्रकूट में भाजपा नेता के खाली प्लॉट में हुए तेज धमाके ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी. शुरुआत में इसे सामान्य घटना माना गया, लेकिन दो दिन बाद वहां इंसानी शरीर के जले-कटे पैर मिलने से मामला गंभीर हो गया. जांच में खदानों में पत्थर तोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक की आशंका सामने आई है. हालांकि, धमाके में मारे गए व्यक्ति की पहचान अब तक नहीं हो सकी है.
दो दिन बाद सामने आया मौत का राज
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 12 सितंबर की शाम करीब पांच बजे अशोह गांव के पास भाजपा के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक जगदीश प्रसाद गौतम के खाली प्लॉट में जोरदार धमाका हुआ था. उस समय पुलिस ने बिजली गिरने या जंगली सूअर मारने के लिए विस्फोट किए जाने की आशंका जताई थी. दो दिन बाद प्लॉट और करीब 300 मीटर दूर दो जले-कटे पैर मिले. इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की.
मौके से मिले बैटरी, तार और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
सूचना मिलने के बाद प्रयागराज से बम निरोधक दस्ता और बांदा से फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. डॉग स्क्वायड समेत कई टीमों ने भी घटनास्थल की जांच की. करीब दो से तीन घंटे तक चली जांच में फटी हुई बैटरी, तार लगी प्लेट, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जली हुई शर्ट और अन्य सामान मिला. टीम सभी संदिग्ध वस्तुओं को जांच के लिए अपने साथ ले गई.
पहाड़ उड़ाने के लिए तैयार हो रहा था विस्फोटक?
बम निरोधक दस्ते की शुरुआती जांच में विस्फोटक खदानों में पत्थर तोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले बम जैसा बताया गया है. एसपी अरुण कुमार सिंह के अनुसार, पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या पहाड़ उड़ाने के लिए किए जाने वाले बड़े ब्लास्ट की तैयारी की जा रही थी. हालांकि, विस्फोटक किस प्रकार का था और धमाका किस वजह से हुआ, इसकी पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद ही होगी.
सिर और धड़ की तलाश में जुटी पुलिस
धमाके में मारे गए व्यक्ति की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है. पुलिस को केवल दो कटे और जले हुए पैर मिले हैं. सिर और धड़ का कोई सुराग नहीं मिला है. पुलिस आसपास के खेतों में तलाश कर रही है और ग्रामीणों व चरवाहों से पूछताछ कर रही है. अभी यह भी पता नहीं चला है कि वह व्यक्ति प्लॉट में कब से था और वहां विस्फोटक तैयार करने के पीछे उसका क्या मकसद था. घटना के बाद पहाड़ी, अशोह और बाबूपुर समेत आसपास के गांवों में दहशत है. भाजपा के पूर्व विधायक आनंद शुक्ला ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की एनआईए जांच की मांग की है. डीआईजी राजेश एस और एसपी अरुण कुमार सिंह भी घटनास्थल का निरीक्षण कर चुके हैं. पुलिस का कहना है कि जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की असली तस्वीर सामने आएगी.
