क्या भारत की जमीन में आज भी दबा है खज़ाना? छतरपुर की खोज और उन्नाव के 1,000 टन सोने के दावे की पूरी कहानी

UP News: मध्य प्रदेश के छतरपुर में 500 साल पुराना खजाना मिला, तो उत्तर प्रदेश के उन्नाव में 1000 टन सोने के दावे ने हलचल मचा दी. जानें क्यों भारत में खजाने की खबरें आज भी लोगों की उम्मीदें जगाती हैं.

UP News: कहते हैं कि जहां धुआं उठता है..  वहां आग जरूर होती है. भारत में जब भी कहीं खज़ाने की चर्चा होती है...लोगों की उम्मीदें सातवें आसमान पर पहुंच जाती हैं. कोई इसे इतिहास से जोड़ता है...तो कोई किस्मत बदलने का सपना देखने लगता है. हाल के दिनों में मध्य प्रदेश के छतरपुर और उत्तर प्रदेश के उन्नाव की दो घटनाओं ने एक बार फिर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. एक जगह खुदाई में पुराने सोने के सिक्के मिले...तो दूसरी जगह हजार टन सोना दबा होने के दावे ने पूरे देश में हलचल मचा दी.

छतरपुर में मिला 500 साल पुराना खजाना, गांव में मची हलचल

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के राजगढ़ गांव में जमीन की खुदाई के दौरान करीब 500 साल पुराना खज़ाना मिला. खुदाई में सोने के कई पुराने सिक्के और दूसरी धातु की कुछ चीजें मिलीं. जैसे ही गांव में यह खबर फैली, लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए. हर किसी को उम्मीद थी कि शायद जमीन के नीचे और भी खज़ाना दबा हो. देखते ही देखते वहां भीड़ लग गई और कई लोग अपने स्तर पर खुदाई करने की कोशिश करने लगे. इसके बाद प्रशासन ने तुरंत इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी और जगह को निगरानी में ले लिया. ताकि कोई खज़ाना गायब न हो और किसी तरह की अवैध खुदाई न हो सके. इस खोज ने इतिहास और पुरानी चीजों पर काम करने वाले लोगों की भी दिलचस्पी बढ़ा दी.

उन्नाव में 1000 टन सोने के दावे पर ASI ने शुरू की थी खुदाई

दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले का मामला भी कम चर्चा में नहीं रहा. वहां एक पुराने किले के नीचे करीब 1,000 टन सोना दबा होने का दावा किया गया. यह दावा एक साधु के सपने के आधार पर सामने आया कि 19वीं सदी के राजा के किले के नीचे 1,000 टन सोना दबा हुआ है. साधु ने दावा किया कि इसे बाहर निकालना चाहिए.  इसके बाद 18 अक्टूबर 2013 को  भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई ने खुदाई शुरू की. खुदाई वाले इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और धारा 144 भी लागू कर दी गई. दूर-दूर से लोग वहां पहुंचने लगे. पूरे इलाके में मेले जैसा माहौल बन गया. हर किसी की नजर खुदाई पर थी और लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे कि आखिर जमीन के नीचे क्या निकलता है.

कुछ इंच खुदाई ने बढ़ाई करोड़ों की उम्मीदें, लेकिन नहीं मिला खजाना

खुदाई के पहले दिन सिर्फ कुछ इंच मिट्टी ही हटाई जा सकी. इसके बावजूद लोगों की उम्मीद कम नहीं हुई. कई लोग यह सोचने लगे कि अगर इतना सोना मिल गया तो देश की तस्वीर बदल जाएगी. कोई कहने लगा कि इससे महंगाई कम हो जाएगी. तो कोई सोने की कीमतों पर असर की बातें करने लगा. हालांकि लंबे समय तक चली खुदाई में ऐसा कोई बड़ा सोने का भंडार नहीं मिला, जैसा दावा किया गया था. लेकिन इस पूरे मामले ने देशभर में लोगों की उत्सुकता जरूर बढ़ा दी.

छतरपुर से उन्नाव तक... खजाने की कहानियां आज भी क्यों जगाती हैं लोगों की उम्मीदें?

छतरपुर और उन्नाव की ये दोनों घटनाएं यह दिखाती हैं कि भारत का इतिहास आज भी लोगों को अपनी ओर खींचता है. जब भी कहीं पुराने किले, मंदिर या जमीन के नीचे कुछ मिलने की खबर आती है, लोगों की उम्मीदें जाग उठती हैं. सच यही है कि खज़ाना सिर्फ मिट्टी के नीचे नहीं, बल्कि लोगों के विश्वास, इतिहास और उम्मीदों में भी छिपा होता है. यही वजह है कि ऐसी खबरें आज भी लोगों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन जाती हैं. 

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Published by: Lucky Kumari

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