UP विधानसभा 2027: 45 सीटों पर चंद्रशेखर की पहली चुनावी चाल, SC-OBC-मुस्लिम कार्ड से बढ़ाई सियासी हलचल

UP Police: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत 45 सीटों के लिए प्रभारियों की सूची जारी की है. इस सूची में सामाजिक संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया है. पार्टी ने दलित, पिछड़ा और मुस्लिम समुदाय के नेताओं को प्रमुखता देकर प्रदेश की राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत करने का संकेत दिया है.

UP Politics: प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद ने संगठन विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. पार्टी ने प्रदेश की 45 विधानसभा सीटों के लिए प्रभारियों की पहली सूची जारी कर दी है. इस सूची में सामाजिक संतुलन पर विशेष जोर दिया गया है.

सामाजिक समीकरण पर खास फोकस

जारी सूची के अनुसार, पार्टी ने 18 अनुसूचित जाति (SC), 17 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और 9 मुस्लिम समुदाय से आने वाले नेताओं को विधानसभा प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है. एक अन्य प्रभारी सामान्य वर्ग से है. इससे साफ संकेत मिलते हैं कि पार्टी सामाजिक प्रतिनिधित्व को चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बना रही है.

2027 की तैयारी में जुटी ASP

चंद्रशेखर आजाद लगातार प्रदेशभर में संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं. विधानसभा स्तर पर प्रभारियों की नियुक्ति को बूथ और संगठन के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है. पार्टी का लक्ष्य 2027 के चुनाव से पहले हर विधानसभा क्षेत्र में अपनी सक्रिय मौजूदगी दर्ज कराना है.

सियासी संदेश भी स्पष्ट

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पहली सूची के जरिए आजाद समाज पार्टी ने दलित, पिछड़ा और मुस्लिम वोट बैंक को साधने का संदेश देने की कोशिश की है. आने वाले दिनों में पार्टी की ओर से और भी विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रभारियों की घोषणा की जा सकती है.

चुनावी मुकाबला होगा दिलचस्प

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं. ऐसे में आजाद समाज पार्टी की यह पहल प्रदेश की सियासत में नई चर्चा का विषय बन गई है.

यह भी पढ़ें: योगी जी पहले इतिहास पढ़ लें, आप नेता संजय सिंह का दावा- श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिन्ना के साथ चलाते थे सरकार


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Tilak Kumar

तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >